नई दिल्ली: पहलगाम हमले के बाद भारत को परमाणु हमले की धमकी देने वाला आतंकी देश पाकिस्तान अपने घर की बगावत में ही पिसता जा रहा है. पहले सेना में बगावत हो जाती है, जिसमें 600 सैनिक एक साथ इस्तीफा दे देते हैं. उसके बाद गिलगित-बाल्टिस्तान की जनता ने सेना और सरकार के खिलाफ बगावत कर दी है. लोगों ने वहां से सेना को खदेड़ने की तैयारी कर ली है. साफ शब्दों में कह दिया है कि अगर यहां की जमीन पर सेना या सरकार ने कब्जा करने की कोशिश की तो यहीं के पहाड़ों में उनकी कब्र बना दी जाएगी.
गिलगित-बाल्टिस्तान में घमासान
पाकिस्तान की सेना और सरकार पर हमेशा से ही गिलगित-बाल्टिस्तान की आम जनता के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाता रहता है, गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों का आरोप ये भी रहा कि पाकिस्तानी सरकार अपनी सेना के सहारे इस इलाके की जमीन और खनिजों पर कब्जा करना चाहते हैं. जबकि यहां लोगों को सहूलियत के नाम पर बस सेना का अत्याचार दिया जाता है. यही वजह है कि इस इलाके के लोग सेना और सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए. इतना ही नहीं शिगर जिले में तो बड़े पैमाने पर लोगों ने सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. फिलहाल पाकिस्तान के हालात गृहयुद्ध जैसे बने हुए हैं. क्योंकि वहां लोगों ने सीधे ऐलान कर दिया है कि कब्जे पर कब्जा नामंजूर है. यहां के लोगों का ये भी आरोप है कि पाकिस्तान सरकार अपने षणयंत्रों और ताकत के दम पर वहां के लोगों की संपत्ति को हड़पना चाहती है.
लोगों की सरकार और सेना को धमकी
शिगर में हुए विरोध प्रदर्शन को के2 कमेटी ने आयोजित किया था, जिसमें तिसर, बाशो, हादराबाद और डासू समेत कई इलाकों के लोग एकजुट हुए थे. इन लोगों ने बैनर लेकर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध किया है. लोगों ने साफ तौर पाकिस्तानी सरकार को चेतावनी दे डाली है. कि अगर गिलगित-बाल्टिस्तान में किसी को भी कब्जा नहीं करने दिया जाएगा, अगर इसके लिए लोगों को शक्ति प्रदर्शन भी करना पड़ा तो वो पाकिस्तान की सेना के साथ ईंट से ईंट बजाने के लिए तैयार हैं. लेकिन अपने इलाके में सरकार को घुसने नहीं देंगे.
इन हालातों को देखने के बाद एक बात साफ समझ में आ रही है कि बॉर्डर पर बेशक पाकिस्तान, भारत को हमले की गीदड़भभकी दे रहा है, लेकिन वो अपने घर के अंदर हर मोर्चे पर जूझ रहा है, और अगर पाकिस्तान ने चीजें सुलझाने की कोशिश नहीं की तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे