बिहार की राजधानी पटना से एक विचित्र घटना सामने आई है, जिसमें एक पुलिसकर्मी ने भारत बंद के दौरान हुए लाठीचार्ज में शहर के एसडीएम पर ही लाठी भांज दी. दरअसल एससी-एसटी आरक्षण के क्रीमी लेयर पर देश की सर्वोच्च अदालत के फैसले के खिलाफ आज देश भर के 21 संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया है. इसी मौके पर बिहार की राजधानी पटना में प्रदर्शन हो रहा है. इसी प्रदर्शन के दौरान बिहार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने गलती से एसडीओ पर ही लाठी चला दी, जिसका वीडियो शोसल मीडिया वायरल हो रहा है.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी आरक्षण के क्रीमी लेयर पर फैसला सुनाया गया जिससे नाराज देश के अलग अलग 21 संगठनों ने भारत बंद का आह्वान किया. इसी दौरान बिहार के पटना में लोगों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है. इसी प्रदर्शन के दौरान पुलिस और लोगों के बीच झड़प हो गई. स्तिथि का जायजा लेने जिले के एसडीएम श्रीकांत कुंदलिक खंडेकर मौके पर पहुंचे. एसडीएम साहब सिविल ड्रेस में में स्तिथि को कंट्रोल करने में लगे थे, लेकिन उसी वक्त बिहार पुलिस का एक जवान लोगों पर लाठी भाजने में लगा था.
एसडीएम साहब किसी को कुछ निर्देश देने में लगे थे. तभी पुलिसकर्मी ने तैश में आकर एसडीएम साहब को ही लाठी से कूट दिया. हालांकि जैसे ही जिले के एसडीएम को लाठी पड़ी, अन्य पुलिसकर्मियों ने अपने साथी को उसकी गलती का अहसास कराया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. एसडीएम साहब तो तब तक जाने अनजाने में ही सही पीट तो गए.
भीड़ में मौजूद एसडीएम श्रीकांत खांडेकर पर सिपाही ने पीछे से डंडा चला दिया. सिविल ड्रेस में होने के कारण सिपाही को यह नहीं पता चला कि वह एक अधिकारी हैं, फिर पीछे से वो भीड़ में देख भी नहीं सका और गलती से उन्हें प्रदर्शनकारी समझकर उन पर डंडा चला दिया. जानकारी के मुताबिक, श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर महाराष्ट्र के मूल निवासी और भारतीय प्रशासनिक सेवा 2020 बैच के आईएएस अधिकारी हैं.