पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर धरना पर बैठे अभ्यर्थी बुधवार को बीपीएससी कार्यालय घेराव करने पहुंचे. इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. आरोप है कि जब वे नहीं रुके तो पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. छात्रों की मांग थी कि परीक्षा को लेकर जो समस्याएं उत्पन्न हुई हैं, उनका समाधान किया जाए. छात्र पीटी परीक्षा को रद्द कराने की मांग कर रहे हैं. इसी मांग को लेकर छात्र बीपीएससी कार्यालय पहुंचे थे. छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा.
बिहार में BPSC परीक्षा में धांधली के खिलाफ बेरोजगार युवा कई दिन से प्रदर्शन कर रहे थे।
— Congress (@INCIndia) December 25, 2024
आज बिहार सरकार ने पुलिस भेजकर युवाओं पर लाठी चलवाई।
वीडियो में दिख रहा है कि युवा हाथ जोड़ रहे हैं, दया की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन बिहार की बेरहम पुलिस सरकार के आदेशों का पालन करती रही।
ये… pic.twitter.com/unzRzwlOFP
इस लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हो गए हैं. दरअसल, 13 दिसंबर को आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में प्रदेश की राजधानी पटना के बापू भवन परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्र लीक होने की अफवाह फैल गई थी, जिसके बाद सैकड़ों उम्मीदवारों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए परीक्षा का बहिष्कार भी किया था. बीपीएससी ने दावा किया कि ऐसी अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्व थे. हालांकि, बीपीएससी ने बापू परीक्षा परिसर में परीक्षा देने वाले 5,000 से अधिक उम्मीदवारों के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया है.
रद्द नहीं होगी परीक्षा
छात्र परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठे हुए हैं. इसके बाद छात्र बुधवार को बीपीएससी कार्यालय पहुंचे. वहीं, बीपीएससी ने साफ कर दिया है कि अन्य केंद्रों में परीक्षा रद्द नहीं की जाएगी. बीपीएससी परीक्षा को लेकर सियासत भी गर्म है. विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है. इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह भी धरनास्थल पहुंचकर धरने पर बैठे छात्रों का समर्थन कर चुके हैं. पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर बिहार बंद की भी घोषणा की है.