Clash between DMK and TVK: तमिलनाडु में सत्ता के नए समीकरणों के बीच डीएमके और टीवीके के बीच राजनीतिक जंग तेज हो गई है. डीएमके की वरिष्ठ नेता और तिरुचेंदूर विधायक अनिता राधाकृष्णन ने रविवार को मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी. उन्होंने दावा किया कि टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार सिर्फ चार महीने टिक पाएगी और उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन फिर सत्ता में वापसी करेंगे.
आधव अर्जुन को खुली चुनौती
अनिता राधाकृष्णन ने टीवीके के वरिष्ठ नेता आधव अर्जुन को सीधा चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो पहले विल्लीवक्कम सीट से इस्तीफा दो, फिर तिरुचेंदूर से मेरे खिलाफ चुनाव लड़कर दिखाओ. यह हमारा क्षेत्र है, हम किसी को नहीं हारेंगे. बता दें कि अनिता राधाकृष्णन पिछले 25 साल से तिरुचेंदूर सीट पर मजबूत पकड़ रखती हैं.
स्टालिन पर हमला बर्दाश्त नहीं
कोलाथुर सीट पर एमके स्टालिन की हार का जिक्र करते हुए अनिता राधाकृष्णन ने कहा कि स्टालिन ने कोलाथुर को सिंगापुर जैसा बना दिया था, फिर भी वहां के मतदाताओं ने उन्हें हराया. उन्होंने स्टालिन को ‘थलाइवर’ (नेता) बताते हुए जोर देकर कहा कि चार-छह महीने के अंदर वे फिर मुख्यमंत्री बनेंगे.
टीवीके साध रखी है चुप्पी
अभी तक जोसेफ विजय, टीवीके या आधव अर्जुन की तरफ से इन बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. अप्रैल के विधानसभा चुनाव में जोसेफ विजय की तमिलागा वेट्री कजगम (टीवीके) ने तमिलनाडु की राजनीति में भारी उथल-पुथल मचा दी थी. टीवीके ने 108 सीटें जीतीं, जो बहुमत से सिर्फ 10 कम थीं. बाद में कांग्रेस, वाम दल और विदुथलाई चिरुथाइगल कत्ची (वीसीके) के समर्थन से सरकार बना ली गई.
विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और विधानसभा में विश्वास मत भी आसानी से जीत लिया. हालांकि, सत्ता में आने के बाद से ही डीएमके की तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं. डीएमके सरकार को अस्थिर बताने वाले दावों को टीवीके खारिज करती रही है. यह बयान दोनों दलों के बीच बढ़ते तनाव को और उजागर करता है.