प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के अंतर्गत कई बड़े निर्णय लिए गए हैं. दरअसल, पीएमबीआई एवं कोल इंडिया लिमिटेड ने 6 सितंबर 2024 को नई दिल्ली स्थित पीएमबीआई मुख्यालय में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था. इसके तहत प्रत्येक कोयला क्षेत्र, चयनित अस्पतालों या कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा निर्दिष्ट या तय किए गए किसी भी उपयुक्त स्थान/परिसर में जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे.
इन 7 राज्यों के विभिन्न स्थानों पर खुलेंगे जन औषधि केंद्र
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क्रम संख्या |
कोयला क्षेत्र का नाम |
स्थान |
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1 |
सीआईएल-मुख्यालय (कोल इंडिया लिमिटेड) |
कोलकाता, पश्चिम बंगाल |
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2 |
ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) |
सैंक्टोरिया,पश्चिम बंगाल |
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3 |
बीसीसीएल (भारत कोकिंग कोल लिमिटेड) |
धनबाद, झारखंड |
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4 |
सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) |
रांची, झारखंड |
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5 |
सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) |
रांची, झारखंड |
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6 |
एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) |
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ |
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7 |
डब्ल्यूसीएल (वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) |
नागपुर, महाराष्ट्र |
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8 |
एनसीएल (नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) |
सिंगरौली, मध्य प्रदेश |
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9 |
एमसीएल (महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड) |
संबलपुर, उड़ीसा |
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10 |
एनईसी (नॉर्थ ईस्टर्न कोलफील्ड्स) |
मार्गेरिटा असम |
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11 |
सीएमपीडीआईएल (सेंट्रल माइनिंग प्लानिंग एंड डिजाइन) |
रांची, झारखंड |
इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य विभिन्न कोल इंडिया परिसरों में जन औषधि केंद्रों की स्थापना के माध्यम से कोल इंडिया से जुड़े कर्मचारियों और समुदायों को उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराना है. ये दवाइयां नागरिकों के जेब से होने वाले खर्च को कम करने में मदद करेंगी और परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में उद्यमियों को रोजगार के अवसर प्रदान करेंगी.
एमपी में 50 जन औषधि केंद्रों का हुआ उद्घाटन
इसी बीच आज जन औषधि परियोजना एवं मध्य प्रदेश सरकार ने संयुक्त रूप से सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए मध्य प्रदेश के 50 अलग-अलग जिला अस्पतालों में 50 जन औषधि केंद्रों का उद्घाटन किया है. भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इन्टरनैशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्य अतिथि रहे और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, डॉ. मोहन यादव द्वारा कार्यक्रम की अध्यक्षता की गई. बता दें कि इन जन औषधि केंद्रों से मध्य प्रदेश के लोगों को लाभ मिलेगा. 2000 से अधिक गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयां और 300 सर्जिकल, न्यूट्रास्युटिकल्स और डिवाइस ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे नागरिकों को दवाओं पर होने वाले जेब खर्च को बचाने में मदद मिलेगी.