मथुरा : वृंदावन के विश्वप्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज पिछले कई महीनों से आम श्रद्धालुओं से दूरी बनाए हुए हैं. पहले जहां उनके प्रात: दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे, वहीं अब यह सिलसिला बंद हो चुका है. उनका एकांत वार्तालाप भी लंबे समय से नहीं हो रहा है. बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य कारणों के चलते उनकी दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया है.
सूत्रों के मुताबिक, प्रेमानंद महाराज अब अपने आश्रम श्री हित राधा केली कुंज में भी नियमित रूप से प्रवास नहीं कर रहे हैं. बताया जाता है कि मांट के पास यमुना खादर क्षेत्र में वह एकांतवास और साधना कर रहे हैं. इस स्थान पर आम लोगों का आवागमन भी वर्जित बताया जा रहा है.
इधर, महाराज के आश्रम से जुड़े लोगों के बीच कथित गुटबाजी की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं. सूत्रों का दावा है कि शिष्यों के बीच दो गुट सक्रिय हैं और दोनों की ओर से महाराज के करीब रहने तथा प्रभाव बनाए रखने को लेकर खींचतान है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इसी गुटबाजी को प्रेमानंद महाराज के कैलीकुंज से दूरी बनाने की एक वजह बताया जा रहा है.
इसी बीच शनिवार को उनके शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने वृंदावन में चर्चाओं को और हवा दे दी है. बताया जा रहा है कि घटना श्री हित राधा केली कुंज से जुड़ी है. घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी.
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रसिक दुलारी शरण की मौत आत्महत्या थी, हत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है.
इस घटना के बाद प्रेमानंद महाराज के आश्रम, उनके एकांतवास और शिष्यों के बीच कथित मतभेदों को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. फिलहाल पुलिस जांच ही पूरे मामले की अगली तस्वीर साफ करेगी.