तेहरान: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हमास, हिज्बुल्लाह और हूती विद्रोहियों की उपस्थिति. ईरान ने इस मौके पर दुनिया को साफ संदेश दिया कि हाल के युद्धों, इजराइल के हमलों और अमेरिकी दबाव के बावजूद उसका Axis of Resistance अभी खत्म नहीं हुआ है.
कौन-कौन पहुंचा?
ईरान समर्थित इन गुटों को अमेरिका और इजराइल आतंकवादी संगठन मानते हैं. हाल के महीनों में इजराइल ने इन पर भारी हमले किए थे, लेकिन खामेनेई के जनाजे में इनकी मौजूदगी ने इजराइल को साफ चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय चुनौतियां अभी बरकरार हैं. ईरान ने इस समारोह को सिर्फ अंतिम विदाई नहीं, बल्कि राजनीतिक और वैचारिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी इस्तेमाल किया.