Purnia Witch Killing Case: टेटगामा गांव के लोग करीब 250 की संख्या में एक घर में धावा बोल देते हैं, उस घर में कुल 5 लोग थे, कोई सो रहा था, कोई सोने की तैयारी में था, बाबू लाल उरांव, उनकी पत्नी, मां, बहू और बेटा कुछ समझ पाते उससे पहले ही पांचों को बुरी तरह निशाना बनाया जाता है, इतने से भी आरोपियों का मन नहीं भरता तो उनके साथ कुछ ऐसा करते हैं, जो नहीं होना चाहिए था. दूसरे दिन पुलिस तक ख़बर पहुंचती है तो हर तरफ सनसनी मच जाती है. पूर्णिया की तेजतर्रार एसपी स्वीटी सहरावत टीम का गठन करती है, जिस घर में ये घटना हुई थी, वहां कोई नहीं मिलता, उस घर का एक लड़का जीवित था, जो किसी तरह कुछ बड़ी जानकारी देता है, वो कहता है
“गांववाले रात में आए थे, और कहने लगे तुम लोग झाड़-फूंक करते हो, मेरी मां सीता देवी को डायन बताने लगे, गांव के ही एक व्यक्ति के घर एक की मौत हुई थी. एक तांत्रिक के कहने पर उन लोगों ने हमारे घरवालों के साथ मारपीट की, अब कोई नहीं बचा.”
इतना कहते हुए वो लड़का भावुक हो जाता है, पुलिस के सामने चुनौती ये पता लगाना थी कि सारे लोग जिंदा हैं या नहीं. घर के आसपास तलाशी अभियान चलाया जाता है, ये पहली ऐसी घटना थी, जिसमें पूरा गांव फरार था, आसपास के गांव के लोग भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था, घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक तालाब में कुछ बोरियां दिखती हैं, और उसे बाहर निकालकर देखा जाता है तो पता चलता है पांचों में से कोई भी नहीं बचा, डायन बताकर जिस घटना को अंजाम देने की चर्चा अब तक पूर्णिया तक में थी, वो पूरे देश में फैल जाती है, और हर कोई यही पूछता है कि आखिर ये कौन लोग हैं जो 21वीं सदी में भी इस अंधविश्वास को मान रहे हैं, औऱ इसकी खातिर इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे रहे हैं. पूर्णिया पुलिस एक तांत्रिक समेत 3 लोगों को गिरफ्तार करती है, जिसके कहने पर ऐसी घटना हुई थी, सदर DSPO पंकज शर्मा बताते हैं
“इस गांव में उरांव जाति के लोग रहते हैं. एक 15 साल का बच्चा है उसी ने नानी को सूचना दी. इसके बाद हमें जानकारी मिली. इस घटना में पूरे गांव के शामिल होने की बात कही जा रही है. 3 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. SIT का गठन किया गया है. डॉग स्क्वॉड की टीम भी जांच में जुटी है.”
एक तरफ इस घटना ने जहां इंसानियत को शर्मसार कर दिया है तो दूसरी तरफ इस पर सियासत भी शुरू हो गई है. तेजस्वी यादव इस घटना पर ट्वीट कर लिखते हैं
“DK टैक्स के कारण बिहार में अराजकता चरम पर, DGP/CS बेबस, कानून व्यवस्था ध्वस्त. परसों सीवान में 3 लोगों की मौत. विगत दिनों बक्सर में 3 की मौत. भोजपुर में 3 की मौत. अपराधी सतर्क, मुख्यमंत्री अचेत, भ्रष्ट भूंजा पार्टी मस्त, पुलिस पस्त. DK की मौज, क्योंकि DK ही असल बॉस.”
तेजस्वी का इशारा एक IAS अधिकारी की ओर है, जिन्हें वो सुपर सीएम बताते हैं, हालांकि बीजेपी नेताओं का दावा है तेजस्वी अपने पिता के दौर के जंगलराज को कैसे भूल सकते हैं, उस वक्त तो बिहार में कानून व्यवस्था की हालत सबसे खस्ता थी. लेकिन बिहार पुलिस पर सवाल इसलिए भी उठने लगे हैं क्योंकि बीते दिनों पटना में कारोबारी गोपाल खेमका के साथ जो हुआ, उसने सबको हिलाकर रख दिया, हर घटना के बाद सीएम नीतीश ने बिहार पुलिस को सख्त आदेश दिया है, लापरवाही बरतने वाले बख्शे नहीं जाएंगे.