जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा भैया, जिन्हें रघुराज प्रताप सिंह के नाम से भी जाना जाता है, अभी हाल ही में उन्होंने राजकोट का दौरा किया. वे सौराष्ट्र-कच्छ के क्षत्रिय समाज के छात्रों के स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर भी अपनी राय व्यक्त की.
राजा भैया ने सूरत में गणेश पंडाल पर हुए पथराव की घटना की आलोचना करते हुए कहा कि हिंदू हमेशा सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि 2013 में कांग्रेस ने वक्फ बोर्ड को अधिकार दिए थे, और अब समय आ गया है कि हम सब अपने अस्तित्व के लिए एकजुट होकर खड़े हों. साथ ही राजा भैया इस बीच बताया भारत का बटवारा हिन्दू नहीं बल्कि मुसलमान चाहते थे. धर्म के आधार पर वो अलग देश चाहते थे. और तब सरदार वल्लभाई पटेल को जिस बात कर डर था वो सच हो गया.
राजा भैया ने इस दौरान कहा कि आज वक्फ बोर्ड के चुनाव का दिन है, और हर मौलाना मोबाइल के माध्यम से वोट डालता है. देश को बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ राजनेताओं की नहीं है, बल्कि अगर हमारे नेता कड़े फैसले ले रहे हैं, तो हमें उनका समर्थन करना चाहिए. उन्होंने क्षत्रिय समाज के पूर्वजों का जिक्र करते हुए कहा कि वे देश और संस्कृति की रक्षा के लिए तलवार उठाते थे, न कि अपने लिए. अब हम सभी को भी आगे आना होगा और देश और धर्म के हित में लिए गए फैसलों का समर्थन करना होगा.
राजा भैया ने आगे कहा कि हिंदू कभी यह नहीं कहते कि वे मुसलमानों के साथ नहीं रह सकते. लेकिन मुसलमानों ने कहा कि वे हिंदुओं के साथ नहीं रह सकते, और इसीलिए पाकिस्तान बना. आज भी भारत इसलिए धर्मनिरपेक्ष है क्योंकि यहां हिंदू बहुसंख्यक हैं. उन्होंने सूरत में गणेश पंडाल पर पथराव और वैष्णोदेवी यात्रा के दौरान भक्तों पर हुए हमलों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह भारत को कमजोर करने की साजिश है.
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष राजा भैया ने आगे कहा कि हिंदू किसी का विरोध नहीं करते, बल्कि सभी धर्मों के मूल्य स्वीकार करते हैं. लेकिन अब हमें अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए एकजुट होना होगा.