कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर में रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहन के रिश्ते की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी का दिल छू लिया. आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई जारी रखने के लिए परेशान 12वीं की छात्रा इशु यादव जब कानपुर के जिलाधिकारी (DM) जितेंद्र प्रताप सिंह से मिलीं और उन्हें राखी बांधी तो डीएम ने भी इस रिश्ते को महज औपचारिकता नहीं रहने दिया. उन्होंने छात्रा की मदद कर भाई होने का फर्ज निभाया.
दरअसल, इशु यादव आर्थिक परेशानियों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रख रही थी. परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी थी कि स्कूल की करीब 29 हजार रुपये फीस बकाया हो गई थी. फीस जमा न होने के कारण छात्रा के सामने पढ़ाई छूटने का संकट खड़ा हो गया था. इसी परेशानी को लेकर वह डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के पास पहुंचीं.
बताया गया कि मुलाकात के दौरान छात्रा ने डीएम को राखी बांधी. राखी बंधवाने के बाद डीएम ने छात्रा की परेशानी को गंभीरता से लिया और उसकी पढ़ाई में किसी तरह की रुकावट न आने देने का भरोसा दिया. उन्होंने बकाया फीस की करीब आधी रकम अपनी ओर से जमा की. इसके साथ ही बची हुई फीस को माफ कराने की व्यवस्था भी कराई.
इतना ही नहीं, स्कूल आने-जाने में छात्रा को होने वाली परेशानी को देखते हुए डीएम ने उसे साइकिल भी दिलाई. इस मदद से इशु के लिए स्कूल पहुंचना आसान होगा और आर्थिक मजबूरी के बावजूद उसकी पढ़ाई जारी रह सकेगी.
डीएम की इस पहल की चर्चा सोशल मीडिया पर भी हो रही है. लोगों का कहना है कि रक्षाबंधन पर बंधी एक राखी ने प्रशासनिक जिम्मेदारी को इंसानी संवेदना से जोड़ दिया. एक तरफ बहन ने राखी बांधकर भाई का रिश्ता बनाया, तो दूसरी तरफ भाई ने उसकी शिक्षा की राह आसान कर इस रिश्ते को निभाया.