Ayodhya Ram Mandir Scam : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लेकर संत समाज के तेवर और तीखे हो गए हैं. इसी कड़ी में दिगंबर अखाड़े के महंत परमहंस आचार्य ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर जांच और अदालत में आरोप साबित होते हैं, तो मुख्य आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों को कम से कम 6-6 महीने की सजा दी जानी चाहिए.
परमहंस आचार्य ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और भगवान श्रीराम के नाम पर भक्तों द्वारा चढ़ाया गया एक-एक रुपया श्रद्धा का प्रतीक है. ऐसे में यदि किसी ने इस धन में गड़बड़ी की है तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात है.
उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए. कानून अपना काम करे और जो भी दोषी साबित हो, उसे कठोर से कठोर दंड मिले ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक संस्थानों की संपत्ति या चढ़ावे पर गलत नजर डालने की हिम्मत न कर सके.
गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में टिन्नू यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. एसआईटी जांच के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. जांच एजेंसियों ने आरोपियों से नकदी भी बरामद की है और मामले की जांच अभी जारी है.