Ayodhya Ram Mandir News : राम मंदिर ट्रस्ट के एक पूर्व कर्मचारी ने कैमरे पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. करीब 18 महीने तक मंदिर परिसर में काम कर चुके इस कर्मचारी का दावा है कि ट्रस्ट के भीतर कुछ प्रभावशाली लोगों का दबदबा था और कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जाता था.
पूर्व कर्मचारी के अनुसार, मंदिर परिसर में ट्रस्ट से जुड़े दो वरिष्ठ चेहरों का सबसे अधिक प्रभाव था और कर्मचारियों से जुड़े अधिकांश फैसले उन्हीं के स्तर पर होते थे. उसने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को परेशान किया जाता था तथा नौकरी देने और बनाए रखने में सिफारिश का बड़ा रोल रहता था. उसका यह भी दावा है कि कई रिश्तेदारों और परिचितों को नौकरी दिलाई गई.
पूर्व कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि छोटी-छोटी कंपनियों के जरिए खरीद और अन्य कार्यों में कमीशनखोरी होती थी. हालांकि, उसने इन आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया. उसने यह भी कहा कि कई कर्मचारी और सेवादार ऐसे हैं जो कथित तौर पर प्रताड़ना के कारण नौकरी छोड़ चुके हैं और खुद को पीड़ित मानते हैं.
बयान में पूर्व कर्मचारी ने यह भी कहा कि दान गबन मामले में गिरफ्तार आरोपियों से उसकी पहले मंदिर परिसर की कैंटीन में मुलाकात होती थी. उसके मुताबिक, उनके व्यवहार से उसे पहले ही कुछ गड़बड़ी का आभास होता था, हालांकि उसने यह स्पष्ट किया कि उस समय उसके पास किसी भी तरह का ठोस प्रमाण नहीं था.
पूर्व कर्मचारी ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को लेकर कहा कि उन्हें लेकर उसकी कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है और वह उनके बारे में कोई आरोप नहीं लगाना चाहता.
फिलहाल ये सभी आरोप पूर्व कर्मचारी के व्यक्तिगत दावे हैं। संबंधित ट्रस्ट पदाधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है. जांच एजेंसियां पहले से दर्ज मामलों की जांच कर रही हैं और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.