अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों के बीच अब जेल के अंदर ही टकराव शुरू हो गया है. जो आरोपी पहले कथित तौर पर एकजुट होकर पूरे नेटवर्क को चला रहे थे, अब वही एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और पूछताछ के दौरान कई अहम राज खोलने लगे हैं. इससे जांच एजेंसियों को मामले की तह तक पहुंचने में नई कड़ियां मिलने की उम्मीद है.
सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने जेल में बंद आरोपियों से करीब दो घंटे तक पूछताछ की. इस दौरान कई आरोपियों ने अपने साथियों की भूमिका, पैसे के बंटवारे और कथित तौर पर चोरी को अंजाम देने के तरीके को लेकर अहम जानकारियां दीं. जेल में भी आरोपियों के बीच कहासुनी और विवाद की स्थिति बनने की बात सामने आई है.
जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपियों के बीच बढ़ती दरार से मामले में कई और खुलासे हो सकते हैं. पुलिस अब उनके बयानों का मिलान बरामद साक्ष्यों, बैंक लेनदेन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों से कर रही है. मामले में कुछ और लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
इस बीच एसआईटी की जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है. आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी, आभूषण और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं. सरकार ने एसआईटी को जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया है, ताकि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा सके.
राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी का यह मामला प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बना हुआ है. जांच एजेंसियां दावा कर रही हैं कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.