कराकस: विशेषज्ञों के मुताबिक, यह घटना पूरी तरह प्राकृतिक थी. सूर्यास्त के समय सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से लंबा रास्ता तय करती हैं, जिससे नीली रोशनी अधिक बिखर जाती है और लाल तथा नारंगी रंग अधिक स्पष्ट दिखाई देते हैं. इस सामान्य प्रक्रिया को इस बार सहारा रेगिस्तान से अटलांटिक महासागर पार कर आए महीन धूलकणों ने और अधिक प्रभावशाली बना दिया, जिससे पूरा आसमान गहरे लाल रंग का दिखाई दिया. इस तरह के लाल सूर्यास्त को स्थानीय भाषा में 'कैंडिलाजो' (Candilazo) कहा जाता है.
वैज्ञानिकों ने यह भी साफ किवेनेजुएला की राजधानी कराकस में आए भीषण भूकंप के छह दिन बाद अचानक आसमान के गहरे लाल रंग में बदल जाने से लोगों में दहशत फैल गई. सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर तरह-तरह के दावे किए जाने लगे. किसी ने इसे आने वाली नई आपदा का संकेत बताया तो किसी ने इसे रहस्यमयी घटना करार दिया. हालांकि वैज्ञानिकों ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण स्पष्ट किया है. या कि इस लाल आसमान का हाल ही में आए विनाशकारी भूकंप से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है. हालांकि भूकंप के बाद इमारतों के गिरने से वातावरण में फैली धूल ने रंग को थोड़ा और गहरा कर दिया हो सकता है, लेकिन यह तथाकथित "अर्थक्वेक लाइट्स" (Earthquake Lights) या किसी अलौकिक घटना का संकेत नहीं था.
गौरतलब है कि 24 जून को वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचाई थी. इसके बाद लाल आसमान की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो गए, जिससे लोगों में भय का माहौल बन गया. लेकिन वैज्ञानिकों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और इस घटना को सामान्य वायुमंडलीय प्रक्रिया के रूप में देखने की अपील की है.