नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख संत और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती के निधन पर गहरा शोक व्याप्त है. सोमवार (15 दिसंबर 2025) को मध्य प्रदेश के रीवा में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. वे 67-75 वर्ष के थे.
10 दिसंबर को दिल्ली से रीवा पहुंचे वेदांती जी वहां रामकथा सुना रहे थे. अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. कोहरे के कारण एयर एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी और इलाज के बावजूद उनका निधन हो गया.
देर रात उनका पार्थिव शरीर रीवा से अयोध्या उनके निवास 'हिंदू धाम' पहुंचा. संत समाज, जनप्रतिनिधि और हजारों श्रद्धालु नम आंखों से अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे. कोहरे भरी सुबह में भी लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. उन्हें 'युगपुरुष' और राम मंदिर आंदोलन का 'संघर्ष प्रतीक' बताते हुए उनके अतुलनीय योगदान को याद किया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 11 बजे अयोध्या पहुंचकर श्रद्धांजलि देंगे. अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह 10 बजे बाद सरयू तट पर जल समाधि के रूप में किया जाएगा. पूरी अयोध्या नगरी शोक में डूबी हुई है और उनके जाने को राम जन्मभूमि आंदोलन के एक युग का अंत माना जा रहा है.