इंदौर: मध्य प्रदेश से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. इंदौर के एक दंपति को फर्जी डॉक्टर उसके साथियों ने आईवीएफ और सरोगेसी के बहाने महीनों तक शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाया. इस दौरान कथित डॉक्टर ने महिला को ड्रग्स देकर बलात्कार किया. जब महिला गर्भवती हो गई, तो दंपति को एक फ्लैट में 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी के साथ बंधक बनाकर रखा गया. भागने की कोशिश करने पर लगातार धमकियां दी गईं.
समय से पहले बच्चे को भी छीन लिया
समय से पहले बच्चे के जन्म के बाद, आरोपी ने अस्पताल से नवजात बेटे को जबरन छीन लिया और दंपति को धमकाना और परेशान करना जारी रखा. जांच में पता चला कि भारत में व्यावसायिक सरोगेसी अवैध है. यह मामला तब सामने आया जब पति-पत्नी ने इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह से शिकायत की. दंपति पर काफी कर्ज था और वे उसे चुकाने के तरीके तलाश रहे थे. इसी दौरान एक परिचित ने उन्हें एक कथित डॉक्टर से मिलवाया. उसने दंपति से कहा कि अगर वे मुंबई के एक दंपति की मदद करेंगे, जो आईवीएफ सेवाओं की तलाश में हैं, तो उनके पैसे के सारे झंझट खत्म हो जाएंगे.
24x7 सीसीटीवी की निगरानी में रखा
डॉक्टर ने महिला पर कई बार IVF प्रक्रिया की, जिसमें खाली स्टांप पेपर और आधार कार्ड की कॉपियां इस्तेमाल की गईं. दंपति को लगातार धमकाते रहे कि वे प्रक्रिया का पालन ठीक से करें. लेकिन जब आईवीएफ असफल रहा, तो डॉक्टर ने महिला को जबरन एक होटल में ले जाकर ड्रग्स देकर बलात्कार किया. महिला के गर्भवती होने के बाद भी धमकियां जारी रखीं और उन्हें एक फ्लैट में 24x7 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कैद कर रखा.
पिस्तौल दिखाकर डराया धमकाया
गर्भावस्था के आठवें महीने में महिला को कुछ परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने समय से पहले एक बेटे को जन्म दिया. लेकिन डॉक्टर और उसके साथियों ने बच्चे को जबरन अस्पताल से ले लिया, पति का फोन फॉर्मेट कर दिया और उसे फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी.
इसके बाद दंपति को इंदौर के दशहरा मैदान पर बच्चे से मिलने के लिए बुलाया गया, जहां उन्हें पिस्तौल दिखाकर धमकाया गया.