आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया; कोर्ट में winding up की प्रक्रिया शुरू करेगा

Amanat Ansari 24 Apr 2026 08:39: PM 2 Mins
आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया; कोर्ट में winding up की प्रक्रिया शुरू करेगा

नई दिल्ली: रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने गुरुवार को पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया, जिससे भारत के सबसे चर्चित पेमेंट्स बैंक प्रयोगों में से एक का अचानक अंत हो गया है. 24 अप्रैल को जारी अधिसूचना में RBI ने कहा कि यह लाइसेंस 24 अप्रैल 2026 को कारोबार बंद होने के साथ रद्द हो गया है और बैंक को तुरंत बैंकिंग व्यवसाय करने से रोक दिया गया है. केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि वह बैंक के winding up (समापन) के लिए हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगा.

रेगुलेटर ने अपनी अधिसूचना में कहा गया है कि RBI बैंक के winding up के लिए हाई कोर्ट में आवेदन करेगा. यह कार्रवाई पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ नियामकीय कदमों में नाटकीय बढ़ोतरी है, जिस पर पिछले दो साल से गंभीर व्यावसायिक प्रतिबंध लगाए जा चुके थे.

आरबीआई ने लाइसेंस क्यों रद्द किया?

  • बैंक के मामलों का संचालन बैंक और उसके जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल तरीके से किया गया.
  • बैंक के प्रबंधन का सामान्य चरित्र जमाकर्ताओं और सार्वजनिक हित के प्रतिकूल था.
  • बैंक को जारी रखने से कोई उपयोगी उद्देश्य या सार्वजनिक हित पूरा नहीं होता.
  • बैंक, पेमेंट्स बैंक लाइसेंस की शर्तों का पालन करने में विफल रहा और बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन किया.
  • पहले से ही लगाए जा चुके थे प्रतिबंध

यह कदम RBI द्वारा पहले लगाए गए प्रतिबंधों के बाद आया है. अधिसूचना के अनुसार, पेटीएम पेमेंट्स बैंक को 11 मार्च 2022 से नए ग्राहकों को ऑनबोर्ड करने से रोक दिया गया था. इसके बाद 31 जनवरी 2024 और 16 फरवरी 2024 को RBI ने और सख्त प्रतिबंध लगाए, जिसमें मौजूदा ग्राहक खातों, प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स और वॉलेट्स में नई जमा, क्रेडिट और टॉप-अप पर रोक लगा दी गई थी. इन प्रतिबंधों ने बैंक की ग्रोथ को पूरी तरह रोक दिया था और उसके संचालन को बहुत सीमित कर दिया था.

जमाकर्ताओं का क्या होगा?

RBI ने ग्राहकों को आश्वासन देते हुए कहा कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के पास बैंक के winding up के दौरान अपनी पूरी जमा दायित्व (deposit liability) चुकाने के लिए पर्याप्त तरलता (liquidity) उपलब्ध है. इसका मतलब है कि winding up की प्रक्रिया के दौरान जमाकर्ताओं को उनका पैसा वापस मिलने की उम्मीद है, जो नियामकीय प्रक्रियाओं के अधीन होगा.

पेटीएम इकोसिस्टम के लिए बड़ा झटका

लाइसेंस रद्द होना पेटीएम के पूरे इकोसिस्टम के लिए बड़ा झटका है, जिसने वॉलेट, मर्चेंट पेमेंट्स और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के जरिए बड़ी संख्या में ग्राहक बनाए थे.

पेमेंट्स बैंक की शुरुआत वित्तीय समावेशन (financial inclusion) बढ़ाने के लिए की गई थी, जिसमें जमा और पेमेंट सेवाएं दी जाती हैं लेकिन पूर्ण उधार (lending) का काम नहीं किया जाता. पेटीएम पेमेंट्स बैंक इस क्षेत्र का सबसे प्रमुख नाम था. अब लाइसेंस रद्द होने के बाद ध्यान पेटीएम की पैरेंट कंपनी पर जाएगा कि वह अपनी बैंकिंग और पेमेंट्स पार्टनरशिप को कैसे reorganize करेगी और आने वाले हफ्तों में ग्राहकों को कितनी आसानी से ट्रांसफर किया जा सकेगा.

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