मयूरभंज: ओडिशा के मयूरभंज जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसान और जानवर के रिश्ते को नए नजरिए से देखने पर मजबूर कर दिया है. धीराकुला गांव में रहने वाली एक स्ट्रीट डॉग “काली” ने अपनी जान देकर कई मासूम बच्चों की रक्षा की. घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है. स्थानीय श्रीजगन्नाथ शिशु विद्या मंदिर के पास छोटे-छोटे बच्चे स्कूल परिसर में बैठे थे. तभी अचानक एक जहरीला सांप उनकी ओर बढ़ने लगा. इससे पहले कि कोई वयस्क स्थिति को संभाल पाता, काली तेजी से आगे आई और सांप का सामना करने लगी.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काली ने बच्चों और सांप के बीच खुद को ढाल की तरह खड़ा कर लिया. सांप ने उस पर कई बार हमला किया, लेकिन वह पीछे नहीं हटी. काफी देर तक चली इस भिड़ंत में आखिरकार सांप मारा गया, लेकिन काली को गंभीर रूप से डंस लिया गया था. जहर का असर इतना तेज था कि कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया.
हालांकि गांव वालों के लिए यह राहत की बात रही कि किसी भी बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. लेकिन काली की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया. काली के साहस और बलिदान को देखते हुए ग्रामीणों ने उसे असाधारण सम्मान दिया. उसकी अंतिम यात्रा इंसानों की तरह निकाली गई.
सफेद कपड़े में लपेटकर, फूलों से सजाकर पूरे गांव में घुमाया गया और फिर अंतिम संस्कार किया गया. यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में आवारा कुत्तों को लेकर बहस जारी रहती है. कुत्तों के हमलों की खबरें अक्सर सामने आती हैं, लेकिन काली की इस कहानी ने यह भी दिखाया कि कई बार यही जानवर इंसानों के रक्षक भी बन जाते हैं.