नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद देश में अब आरक्षण व्यवस्था को लेकर नया आंदोलन जोर पकड़ता दिख रहा है. Reservation Hatao Andolan (RHA) नामक अभियान सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जहां लाखों लोग 'सारी जाती एक समान, मेरा बस ये देश महान' जैसे नारों के साथ जुड़ रहे हैं. RHA के इंस्टाग्राम हैंडल पर फिलहाल 1.5 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और 105 पोस्ट्स के साथ यह प्लेटफॉर्म सक्रिय रूप से अपनी बात रख रहा है.
आंदोलन का मकसद शिक्षा-आंदोलन-संगठन (Educate-Agitate-Organize) है और यह उन नागरिकों द्वारा समर्थित है जो मानते हैं कि सुधार की आवाज को जगह मिलनी चाहिए. आंदोलनकर्ता आरक्षण नीति को समाप्त कर एक राष्ट्र, एक पहचान, भारतीय बनाने की बात कर रहे हैं. उनका कहना है कि जाति आधारित भेदभाव को खत्म करने के लिए सरकारी नीतियों में बदलाव जरूरी है.
पोस्ट्स में नीति प्रस्ताव भी साझा किए जा रहे हैं, जिसमें जाति आधारित आरक्षण को समाप्त कर मेरिट और जरूरत पर आधारित व्यवस्था की मांग की गई है. RHA के फॉलोअर्स और समर्थक विभिन्न वीडियो और मैसेज के जरिए अपनी बात रख रहे हैं, जिसमें Give Reservation To People Who Really Need It और मीडिया को संदेश जैसे कंटेंट शामिल हैं. आंदोलनकर्ता दावा करते हैं कि यह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है, बल्कि एक नागरिक आंदोलन है.
देश भर में आरक्षण को लेकर बहस तेज होने के साथ RHA जैसे प्लेटफॉर्म युवाओं और आम नागरिकों के बीच चर्चा का केंद्र बनते जा रहे हैं. हालांकि, इस मुद्दे पर समाज के अलग-अलग वर्गों में राय बंटी हुई है. यह आंदोलन सोशल मीडिया के जरिए तेजी से फैल रहा है और भविष्य में बड़े स्तर पर प्रभाव डाल सकता है.