नई दिल्ली : नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी उनके समर्थन में खुलकर सामने आई है. इस्तीफे के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता उनके आवास पहुंचे और उनसे मुलाकात कर एकजुटता का संदेश दिया.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी सुधार किए हैं. उन्होंने नई शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करने में उनकी भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मोदी सरकार युवाओं की भावनाओं का पूरा सम्मान करती है और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है.
भाजपा नेतृत्व का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही और नैतिकता का उदाहरण है. पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय व्यापक जनहित और नैतिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखकर लिया गया है तथा भाजपा पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है. उनका मानना है कि इस्तीफे के बावजूद धर्मेंद्र प्रधान संगठन और सरकार के महत्वपूर्ण नेताओं में बने रहेंगे.
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने में अहम योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति को प्रभावी ढंग से लागू कराने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है और उनका निर्णय सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी तथा निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप रहा है. वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि देश के शिक्षा तंत्र का नेतृत्व करना चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसे धर्मेंद्र प्रधान ने दूरदृष्टि, साहस और समर्पण के साथ निभाया. भाजपा नेताओं के इन बयानों से साफ संकेत मिला कि पार्टी उन्हें अपना मजबूत और भरोसेमंद नेता मानती है.