Hariyana News : गुरुग्राम में रिटायर्ड मेजर ने ट्रैफिक पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान घायल होकर दिव्यांग हुए रिटायर्ड मेजर हेमेन्द्र सिंह ने दावा किया है कि देर रात उनकी कार को शराब पीकर गाड़ी चलाने के संदेह में रोका गया और परिवार के साथ करीब डेढ़ घंटे तक सड़क पर खड़ा रखा गया.
मेजर हेमेन्द्र सिंह के अनुसार, शनिवार रात वह अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ गुरुग्राम के साइबर हब से घर लौट रहे थे. रास्ते में ट्रैफिक पुलिस ने उनकी कार रोककर ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया। उनका आरोप है कि पहली जांच में मशीन ने 91 का रीडिंग दिखाया, जबकि उन्होंने शराब का सेवन नहीं किया था. आपत्ति जताने और दोबारा जांच की मांग करने पर नए माउथपीस के साथ फिर टेस्ट किया गया, जिसमें रीडिंग केवल 13 mg आई, जो कानूनी सीमा के भीतर बताई जा रही है.
मेजर का कहना है कि दूसरी रिपोर्ट सामान्य आने के बावजूद उन्हें मौके पर जाने नहीं दिया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लाइसेंस दिखाने के दौरान उनका मोबाइल फोन ले लिया गया और वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला.
परिवार के अनुसार, रात करीब 1:30 बजे स्थिति बिगड़ने पर उनकी पत्नी ने डायल-112 पर कॉल की. शिकायत में कहा गया है कि स्थानीय पुलिस के पहुंचने के बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मी वहां से चले गए. इस दौरान उनकी पत्नी सड़क किनारे रोती रहीं और उनकी बेटियां कार में बैठी रहीं. मामले की शिकायत गुरुग्राम पुलिस आयुक्त तक पहुंच गई है. पुलिस कमिश्नर ने पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित पुलिसकर्मियों की बॉडीकैम फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की समीक्षा की जा रही है. फिलहाल पुलिस की विस्तृत जांच जारी है.