लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में मत्स्य एवं जल संसाधन मंत्री तथा निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के एक पुराने वीडियो के फिर से वायरल होने से भारी बवाल मच गया है. बंसडीह में आयोजित एक पार्टी कार्यक्रम में संजय निषाद ने बलिया के लोगों पर तंज कसते हुए कहा था, “यहां ब्रिटिश काल में भी कई लोग दलाली करते थे, आज भी दलाली की परंपरा चली आ रही है, इसी वजह से बलिया आज भी पिछड़ा हुआ है, वरना यह ‘बागी बलिया’ था, जहां लोग अंग्रेजों को खदेड़कर देश को आजाद कराते थे.”
इस बयान को बलिया के स्वतंत्रता संग्राम के गौरव और मंगल पांडे से लेकर चित्तू पांडे, हजारी सिंह जैसे क्रांतिकारियों का अपमान मानते हुए स्थानीय लोग और विभिन्न संगठन भड़क उठे हैं. सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब श्री करणी सेना के बलिया जिला अध्यक्ष कमलेश सिंह ने खुलेआम ऐलान कर दिया कि “जो कोई भी संजय निषाद की जीभ काटकर लाएगा, उसे मैं 5 लाख 51 हजार रुपये नकद इनाम दूंगा.” इस घोषणा के बाद जिले में तनाव बढ़ गया है और सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से ट्रेंड कर रहा है.
दूसरी तरफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बलिया शहर में संजय निषाद का पुतला दाह संस्कार किया और बंसडीह थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की. जिला कांग्रेस अध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने कहा कि मंत्री ने पूरे बलिया के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है, फिर भी सरकार चुप है. अब तक न तो खुद संजय निषाद ने और न ही निषाद पार्टी की ओर से इस विवादित बयान पर कोई स्पष्टीकरण या माफी जारी की गई है. जिले में माहौल गर्म है और प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है.