कोलकाता: आरजी कर रेप-मर्डर मामले की पीड़िता डॉक्टर की मां और पानीहाटी से भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ ने सीबीआई जांच की प्रगति पर फिर से गुस्सा और असंतोष जताया है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बावजूद न्यायिक प्रक्रिया में कोई खास प्रगति नहीं हुई है. एक कार्यक्रम में रत्ना देबनाथ ने कहा, ''न्याय प्रक्रिया के कुछ पहलू बिल्कुल भी आगे नहीं बढ़ रहे हैं. सबने कहा था कि सरकार बदलने पर सब कुछ ठीक हो जाएगा. लेकिन स्थिति वास्तव में बदली है क्या?''
उन्होंने बताया कि वे कभी राजनीति में नहीं आना चाहती थीं. उनके पति का बिजनेस था और उनकी बेटी ने भी उन्हें राजनीति से दूर रहने की सलाह दी थी. “मेरी बेटी की जिंदगी के इतने दुखद अंत के बाद हम राजनीति में नहीं आना चाहते थे. लेकिन हमें बताया गया कि बंगाल की हालत बहुत खराब हो गई है. 9 अगस्त 2024 को आरजी कर अस्पताल में मेरी डॉक्टर बेटी की हत्या के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की खराब हालत सबके सामने आ गई.” कोर्ट द्वारा नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाए जाने के बाद भी देबनाथ ने सीबीआई की जांच की आलोचना की.
उन्होंने सवाल उठाया, “सीबीआई कह रही है कि वे डॉक्टर हैं और उन्हें इस तरह गिरफ्तार नहीं किया जा सकता. जज ने भी यही कहा. मेरी बेटी भी डॉक्टर थी. अगर कोई डॉक्टर अपराधी है और मेरी बेटी की हत्या में शामिल है, तो उस व्यक्ति को गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा सकता?” रत्ना देबनाथ ने जोर देकर कहा कि सिस्टम को बदलने की जरूरत है. पीड़िता की मां का यह बयान आरजी कर मामले में न्याय की मांग को लेकर जारी असंतोष को रेखांकित करता है.