7 जून साल 2024 को योगी का ये चेहरा जिसने भी देखा उसका दिल थम गया. अयोध्या की हार और UP में मिली शिकस्त ने योगी का दिल तोड़ दिया था. ये चेहरा नरेंद्र मोदी का है. 4 जून साल 2024 नतीजों के बाद भी मोदी के चेहरे पर खुशी नहीं थी. BJP को इतना निराश कभी तब भी नहीं देखा गया जब बीजेपी विपक्ष में थी. BJP को इस बात का आभास हो गया था कि राजनाथ सिंह का घटता कद अगर नहीं रोका गया तो पार्टी सत्ता से बाहर हो जाएगी. लेकिन उसी वक्त RSS ने राजनाथ सिंह का कद बढ़ा दिया. जिस वक्त बीजेपी में फूट का मज़ाक केजरीवाल और अखिलेश यादव तक बनाने लगे थे, राजनाथ ने सबकुछ बदल दिया. आज योगी पार्टी में हिट है, मोदी का कद बढ़ रहा है, और RSS बीजेपी में सबकुछ ठीक हो गया है, लेकिन ये हुआ कैसे इसकी कहानी क्या है? समझमिए वो बात जो आपको चौंका देगी. राजनाथ सिंह को नंबर दो की कुर्सी दी गई. शपथ के दौरान राजनाथ और मोदी को आस-पास बैठाया गया. अमित शाह को RSS ने समझाया कि सत्ता ज़रूरी हैं तो राजनाथ का कद कम नहीं होना चाहिए. राजनाथ सिंह ने भी इस बात को समझ लिया है कि संकट के समय परिवार का साथ निभाना ही प्रकृति का नियम है.
सत्ता में काम मोदी ने संभाला, राजनीति की हवा RSS ने तय की, यूपी में योगी ने हिन्दुत्व संभाला, हरियाणा चुनाव में हर नेता को अलग-अलग काम मिला, न तो आत्मविश्वास दिखाया गया, ना ही दावा किया गया कि हम इतनी सीटें जीतेंगे. बीजेपी की ये नई रणनीति राजनाथ सिंह की ही थी. सूत्र कहते हैं कि राजनाथ सिंह ने नरेंद्र मोदी और शाह को समझाया कि नंबर देने से विरोधियों को घेरने का मौका मिलता है, इसलिए कई सालों बाद ये पहला चुनाव था जिसमें बीजेपी ने कोई लक्ष्य नहीं रखा था...
बीजेपी की अप्रत्याशित जीत का क्रेडिट राजनाथ सिंह और योगी को भी जाता है. योगी आदित्यनाथ ने जैसे ही कहा बटेंगे तो कटेंगे वैसे ही पार्टी की सोच बदल गई. लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन करने के बाद बीजेपी जाति का मुद्दा उठाना चाहती थी, लेकिन राजनाथ सिंह ने समझाया कि जब आपके पास योगी जैसे मास लीडर हैं तो आपको हिन्दुत्व पर काम करना चाहिए. राजनीतिक पंडित ये तक कहते है कि बीजेपी ने हरियाणा चुनाव को एक प्रयोगशाला की तरह लिया है, यानि अब योगी के दिखाए रास्ते पर पूरी बीजेपी चलेगी, और भारत में आज से हिन्दू राष्ट्र का मुद्दा बड़ा हो जाएगा. राजनाथ सिंह अटल युग के नेता है, नरेंद्र मोदी कभी विपक्ष में नहीं रहे लेकिन राजनाथ सिंह ने एक लंबा वक्त विपक्ष में बैठकर देखा हैं. वो जानते है विपक्ष की चाल क्या हो सकती है. ED-CBI की जगह मोदी सरकार ने अपना काम गिनाना शुरू किया, पार्टी ने सोच बदली, सबका साथ सबका विकास के बजाय हिन्दुओं की बात शुरू हुआ, और हरियणा में बीजेपी के लिए चमत्कार हो गया.