पंजाब : जालंधर जिले में सूचना का अधिकार (RTI) कार्यकर्ता और अधिवक्ता सिमरनजीत सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई. यह वारदात जालंधर-लुधियाना राष्ट्रीय राजमार्ग पर चहेरू क्षेत्र के पास हुई, जहां अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. हमले में सिमरनजीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे और उन्होंने सिमरनजीत सिंह को निशाना बनाते हुए गोलियां चलाईं. पुलिस को आशंका है कि यह एक सुनियोजित हत्या हो सकती है, हालांकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है.
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए और आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी. पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके.
जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम को चहेरू के पास एक व्यक्ति के घायल अवस्था में पड़े होने की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंची टीम ने जांच के दौरान एक .32 बोर की पिस्तौल, 12 बोर की राइफल और कुछ कारतूस बरामद किए हैं. इन बरामद हथियारों की भी जांच की जा रही है.
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और विभिन्न पहलुओं से जांच आगे बढ़ाई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि मृतक के पेशेवर कार्य, व्यक्तिगत संबंधों और उनके द्वारा उठाए गए सार्वजनिक मामलों समेत सभी संभावित एंगल पर जांच की जा रही है. पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों तक जल्द पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.