बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सरकारी बंजर जमीन पर अवैध कब्जा तोड़ने के लिए शुक्रवार को प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की. टीम ने एक मदरसा सहित चार पक्की दुकानों और अन्य अतिक्रमणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. इस दौरान इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा और देखते ही देखते हड़कंप मच गया.
सालों पुराना अतिक्रमण हटाया गया
हुजूरपुर थाना क्षेत्र के सिंहपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत घिसियौना गांव की ग्राम सभा की बंजर भूमि (गाटा संख्या 495) पर लंबे समय से कुछ लोगों ने कब्जा कर पक्के निर्माण कर रखे थे. गांव के रहने वाले रहीस अहमद ने इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी.
हाईकोर्ट के निर्देश पर तहसीलदार पयागपुर की अदालत ने मामले की सुनवाई की. खतौनी, खसरा और लेखपाल की रिपोर्ट समेत सभी दस्तावेजों की जांच के बाद अदालत ने पाया कि यह जमीन ग्राम सभा की बंजर है और उस पर अवैध कब्जा किया गया था. विपक्षी पक्ष ने लेखपाल रिपोर्ट पर साजिश का आरोप लगाया, लेकिन दोबारा जांच में अतिक्रमण साबित होने पर अदालत ने उनकी आपत्तियों को खारिज कर दिया.
मदरसा और दुकानें ध्वस्त
शुक्रवार को उपजिलाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय और तहसीलदार अंबिका चौधरी के नेतृत्व में राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर मौके पर पहुंची. टीम ने साहिल, शकील, नावेद, जावेद समेत अन्य लोगों द्वारा बनाई गई चार पक्की दुकानों, एक मदरसे, टीनशेड और ढाबली को पूरी तरह तोड़ दिया.
कार्रवाई के दौरान हुजूरपुर थानाध्यक्ष शमशेर बहादुर सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा. राजस्व टीम ने जमीन की नाप-जोख कर सीमांकन भी किया और अतिक्रमण रोकने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी.
डीएम कोर्ट में लंबित मामलों पर अभी नहीं चलेगा बुलडोजर
उपजिलाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद तहसीलदार अदालत ने बेदखली का आदेश दिया था, उसी का पालन किया गया है. जिन मामलों में जिलाधिकारी अदालत में चुनौती दी गई है और स्थगन लंबित है, उन पर फिलहाल कार्रवाई नहीं की गई. शेष अवैध कब्जों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.