कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. शनिवार को सीआआईडी के एक अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को कोलकाता के कालीघाट स्थित उनके आवास पर नोटिस सौंपा. यह कार्रवाई उनके खिलाफ दर्ज FIR के सिलसिले में की गई है. नोटिस मिलने के बाद अभिषेक बनर्जी ने केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला.
कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उन्हें डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे झुकने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें जो करना है करने दो. पहले सिर्फ ED और CBI थी, अब बंगाल पुलिस, कोलकाता पुलिस और KMC भी जुड़ गए हैं. पहले 2-3 एजेंसियां थीं, अब 5 हो गई हैं. उन्हें लगता है कि इतनी एजेंसियां भेजकर वे मुझे ब्लैकमेल कर लेंगे, लेकिन मैं ऐसा आदमी नहीं हूं.
उन्होंने आगे कहा, अगर मेरा गला भी काट दिया जाए तब भी मैं नहीं झुकूंगा. मुझे झुकाने के लिए उन्हें 10 बार सोचना पड़ेगा और 7 जन्म लेने पड़ेंगे. अभिषेक के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत और गरमा गई है. विपक्ष इसे कानून की कार्रवाई बता रहा है, जबकि TMC इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रही है. आने वाले दिनों में यह मामला राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है.