ग्लोबल भार नेशनल डेस्क: संभल में मचे घमासान में जल्द ही नया खेल शुरू हो सकता है. इस बार ये खेल जेल के बाहर से सपा सांसद बर्क और जेल के अंदर से जामा मस्जिद सदर जफर अली खेल सकते हैं. क्योंकि पहली बार जियाउर्रहमान का एक बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कोर्टरूम के अंदर खेले जाने वाले इस खेल के बारे में इशारा दिया है.
जफर अली ने कोई बयान नहीं दिया- बर्क
संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने एक बयान दिया है. जिसेक कई सारे सियासी मायने निकाले जा रहे हैं, क्योंकि बर्क पहली बार जफर अली पर इतना खुल कर बोले हैं, दरअसल बर्क ने पुलिस की जांच पर आरोप लगाए हैं, उन्होंने जफर के 161 बयान पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि ‘इस बयान को खुद पुलिस के ही द्वारा लिखा जाता है साथ ही इस पर कोई हस्ताक्षर भी नहीं होते हैं. ऐसे में इसे अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता है.’ इसके साथ ही सांसद ने ये उम्मीद भी जताई है कि मस्जिद के सदर जफर अली ने ऐसा कोई बयान नहीं कर रही है जिसके बारे में पुलिस दावा कर रही है, कोर्ट में सब स्पष्ट हो जाएगा. साथ ही बर्क ने ये दावा भी किया है कि जफर का कोई बयान ना तो उनके सामने आया है और ना ही मीडिया के सामने उन्होंने कोई बयान दिया है, इसीलए पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता.
जफर बदल सकते हैं बयान!
सांसद बर्क के इस बयान के सामने आने के बाद इस बात की संभावना भी बढ़ने लगीं हैं कि क्या जफर अली कोर्ट में जाकर अपना बयान बदल देंगे? क्या बर्क ने इस बयान के माध्यम से जफर तक कोई संदेश पहुंचाया है? क्योंकि बर्क ने अपने बयान में साफ तौर पर कहा है कि अगर पुलिस की बात को ही अंतिम मान लिया जाए तो कोर्ट की जरूरत ही नहीं रहेगी. इसके साथ ही उन्होंने अपने खिलाफ हो रही कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं, और कहा है कि कई गलत रिपोर्ट्स के खिलाफ कोर्ट का सहारा लिया जा रहा है, आगे भी ऐसा ही होता रहेगा.