Sambhal News : संभल में बकरीद को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की प्रशासनिक तैयारियों के बीच AIMIM नेता शकील अहमद अशरफी के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. असमोली विधानसभा से AIMIM के पूर्व प्रत्याशी रहे अशरफी ने संभल को संभल शरीफ बताते हुए कहा कि यहां दरगाहें और खानकाहें मौजूद हैं, इसलिए इसे संभल शरीफ कहा जाना चाहिए. तहसील परिसर में एसडीएम को ज्ञापन सौंपने के बाद दिए गए इस बयान के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज होने लगी है.
शकील अहमद अशरफी ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए. उन्होंने दावा किया कि बकरीद के मौके पर कुर्बानी का गोश्त ले जाने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों को रोका और परेशान किया जा रहा है. उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि संभल की गंगा-जमुनी तहजीब और अमन-चैन को बनाए रखने के लिए लोगों को अनावश्यक रूप से न रोका जाए. साथ ही चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इससे माहौल बिगड़ सकता है.
एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार संभल को तीर्थ नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, वहीं AIMIM नेता के इस बयान ने नई सियासी बहस को जन्म दे दिया है. इसे लेकर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है.
इधर बकरीद को लेकर संभल जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. डीएम और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च कर लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया. सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को सक्रिय कर दिया गया है. साथ ही धर्मगुरुओं से शांति बनाए रखने और निर्धारित स्थानों पर कुर्बानी करने की अपील की गई है.