लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य पालन मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर सीधा और तीखा सियासी हमला बोला है। उन्होंने सपा अध्यक्ष को 'अहंकारी' करार देते हुए लोहिया ट्रस्ट से शिवपाल सिंह यादव को हटाए जाने और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के विरोध पर जमकर घेरा। निषाद ने कहा कि राजनीति पूरी तरह भरोसे की नींव पर टिकी होती है, लेकिन जो व्यक्ति अपने खून के रिश्तों पर ही ऐतबार नहीं कर सकता, वह जनता और सहयोगियों के साथ क्या इंसाफ करेगा।
'न्यास का मतलब ही भरोसा है'
लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष पद से शिवपाल यादव को हटाकर खुद कमान संभालने के फैसले पर कटाक्ष करते हुए संजय निषाद ने कहा कि यह सिर्फ और सिर्फ व्यक्तिगत अहंकार का प्रदर्शन है। उन्होंने कहा, "ट्रस्ट का हिंदी अर्थ ही 'न्यास' होता है और न्यास का सीधा मतलब भरोसा या विश्वास है। राजनीति में जनता अपने नेता और पार्टी पर भरोसा करती है। जब शीर्ष स्तर पर ही भरोसे का इतना बड़ा अकाल हो और नेता को अपने ही सगे खून के रिश्तों पर यकीन न हो, तो फिर बाकी लोगों से रिश्ते निभाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?"
'यूसीसी से ही सुनिश्चित होगा सामाजिक न्याय'
समान नागरिक संहिता के विरोध को लेकर भी उन्होंने अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तंज कसा कि अखिलेश के पास जैसे सलाहकार हैं, उसी की वजह से वह आज सत्ता से बाहर बैठे हैं। उन्होंने कहा, "संविधान हमेशा वास्तविक सामाजिक न्याय की वकालत करता है और सामाजिक न्याय तभी मुमकिन है जब देश में समान नागरिक संहिता और समान अधिकार लागू हों। क्या मुस्लिम महिलाएं इस देश की नागरिक और मतदाता नहीं हैं? उन्हें भी बराबरी, सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पाने का उतना ही हक है।" उन्होंने उत्तराखंड, असम और गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि सभी राज्यों में यूसीसी का स्वागत होना चाहिए।
प्राइमरी स्कूलों को स्मार्ट बनाने के फैसले की सराहना
प्रदेश के 14,429 प्राइमरी स्कूलों को 'स्मार्ट स्कूल' बनाने के योगी सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन के तहत समाज के अंतिम पायदान पर खड़े गरीब के बच्चे को भी आधुनिक और स्मार्ट शिक्षा पाने का पूरा अधिकार है।