लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमतीनगर विस्तार स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क के पास बुधवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। बीच सड़क पर एक कार चालक ने आगे खड़ी युवती पर तेज रफ्तार से गाड़ी चढ़ा दी और उसे कुचलने का प्रयास करते हुए मौके से फरार हो गया। पीड़िता का गंभीर आरोप है कि आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर और पहचान छिपाकर उसे प्रेमजाल में फंसाया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कार चालक शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
पहचान छिपाने का गंभीर आरोप
पीड़िता के अनुसार, आरोपी शाहनवाज ने 'यश ठाकुर' बनकर उससे जान-पहचान बढ़ाई थी और अपनी असली धार्मिक पहचान छुपाई रखी। बुधवार सुबह करीब 6 बजे युवती अपनी स्कूटी से जनेश्वर मिश्र पार्क के पास पहुंची थी, जहां उसने शाहनवाज की कार में किसी अन्य युवती को बैठे देखा। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। युवती ने जब विरोध जताया और बात करने के लिए गाड़ी को रोकना चाहा, तो वह कार के बोनट के आगे खड़ी हो गई।
बोनट पर घसीटा, फिर पैर पर चढ़ाई गाड़ी
घटना के सामने आए वीडियो में साफ दिख रहा है कि युवती कार के बोनट से सटकर खड़ी है, लेकिन चालक ने रुकने के बजाय पहले गाड़ी धीरे-धीरे आगे बढ़ाई और फिर अचानक एक्सीलेटर दबाकर रफ्तार तेज कर दी। तेज झटके से युवती उछलकर सड़क पर गिरी और कार उसके पैर को रौंदती हुई तेजी से निकल गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल युवती को अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, दर्ज हुआ केस
वारदात के बाद गोमतीनगर विस्तार पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी शाहनवाज को धर दबोचा और घटना में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली। लखनऊ पुलिस की डीसीपी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि सुबह जनेश्वर मिश्र पार्क के पास युवती को कार से टक्कर मारने की सूचना मिली थी। प्राथमिक जांच में सामने आया कि दोनों पूर्व परिचित थे और किसी बात पर विवाद के बाद आरोपी ने उस पर गाड़ी चढ़ा दी। डीसीपी के मुताबिक, आरोपी शाहनवाज के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, हवालात में बंद आरोपी शाहनवाज ने पूछताछ में खुद का बचाव करते हुए पीड़िता पर ही परेशान करने और पैसों के लेन-देन के आरोप लगाए। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के दावों की भी पड़ताल की जा रही है, लेकिन प्रथम दृष्टया जानबूझकर गाड़ी चढ़ाने और पहचान छिपाने के आरोपों के आधार पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।