18वीं लोकसभा का दूसरा सत्र, जो 22 जुलाई, 2024 को शुरू हुआ था, शुक्रवार को संपन्न हो गया है. शुक्रवार को विदाई भाषण देते हुए, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने बताया कि सत्र के दौरान 15 बैठकें हुईं, जो लगभग 115 घंटे तक चलीं. बिड़ला ने बताया कि सत्र के दौरान सदन की उत्पादकता 136 प्रतिशत रही. बिड़ला ने यह भी बताया कि वित्त मंत्री ने 23 जुलाई 2024 को सदन में केंद्रीय बजट 2024-2025 पेश किया.
केंद्रीय बजट 2024-25 पर सामान्य चर्चा 27 घंटे 19 मिनट तक चली और 181 सदस्यों ने चर्चा में भाग लिया. वित्त मंत्री ने 30 जुलाई को चर्चा का जवाब दिया. उन्होंने आगे बताया कि 30 जुलाई से 5 अगस्त तक सदन में चयनित मंत्रालयों/विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा की गई और इसके बाद सदन द्वारा अनुदान मांगों को पारित किया गया. बिड़ला ने बताया कि 5 अगस्त को लोकसभा में विनियोग विधेयक पारित किया गया.
बिड़ला ने आगे बताया कि सत्र के दौरान 12 सरकारी विधेयक पेश किए गए और चार विधेयक पारित किए गए. पारित किए गए विधेयक इस प्रकार हैं: वित्त विधेयक, 2024, विनियोग विधेयक, 2024 उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान 86 तारांकित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए गए. शून्यकाल के दौरान सदस्यों द्वारा अत्यावश्यक लोक महत्व के कुल 400 मामले उठाए गए तथा नियम 377 के तहत कुल 358 मामले उठाए गए.
बिड़ला ने बताया कि सत्र के दौरान निर्देश 73ए के तहत 25 वक्तव्य दिए गए तथा संसदीय कार्य मंत्री द्वारा संसदीय कार्य के संबंध में दिए गए दो वक्तव्यों तथा मंत्रियों द्वारा स्वप्रेरित तीन वक्तव्यों सहित कुल 30 वक्तव्य दिए गए. लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि सदन के पटल पर 1345 पत्र रखे गए. बिड़ला ने बताया कि 22 जुलाई को नियम 193 के तहत आगामी ओलंपिक खेलों के लिए भारत की तैयारियों पर चर्चा की गई.
इसी प्रकार 31 जुलाई को नियम 197 के तहत देश के विभिन्न भागों में भूस्खलन तथा बाढ़ के कारण जान-माल के नुकसान के संबंध में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा की गई. निजी सदस्यों के कार्य के संबंध में, बिड़ला ने बताया कि सत्र के दौरान 65 निजी सदस्य विधेयक पेश किए गए. देश में हवाई किराए को विनियमित करने के लिए उचित उपायों के संबंध में सांसद शफी परम्बिल द्वारा प्रस्तुत निजी सदस्य संकल्प पर 26 जुलाई को सदन में चर्चा की गई.