नई दिल्ली: लगातार एक के बाद एक तीन धमाकों से एक बार फिर सेंट्रल इजरायल में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई है. ये धमाके उस समय हुए जब इजरायल और हमास के बीच समझौते के बाद बंदियों की अदला-बदली चल रही है, जिसपर ग्रहण भी लग सकता है. हालांकि तेल अवीव में हुए इस हमले में जनहानि की सूचना नहीं है, फिर भी इसने इजरायल की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि ये हमले तीन सार्वजनिक बस में हुए हैं.
वहीं जांच में कुछ और बसों में भी विस्फोटक मिले हैं. जांच अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह आतंकी हमला हो सकता है, क्योंकि सिलसिलेवार तरीके से सार्वजनिक बस को निशाना बनाया गया है. इजरायल के लोगों का मानना है कि ये हमले 2000 दशक के फिलिस्तीनी विद्रोह का याद दिलाता है, जब एक साथ कई विस्फोट से पूरा इजरायल दहल गया था. हमले में सैंकड़ों लोगों की जान चली गई थी.
उधर हमले के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आपात बैठक बुलाई और सुरक्षा की स्थिति की जानकारी ली. जांच अधिकारियों ने बताया गया कि बम को एक ही तरह से लगाए गए थे. सभी बम में टाइमिंग डिवाइस लगाए गए थे. बम निरोधक दस्ते ने कुछ और बसों से विस्फोटक को निष्क्रिय किया है. और देशभर में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
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पुलिस प्रवक्ता हैम सरग्रोफ की ओर से जानकारी दी गई है कि सभी बड़ें शहरों में बसों, ट्रेनों में गहन जांच की जा रही है और पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सभी बम कहीं एक ही व्यक्ति द्वारा तो नहीं लगाए गए थे या इसमें कई और लोग शामिल थे. जांच अधिकारियों ने राहत जताई है कि जिस समय हमला हुआ था पार्किंग पूरी तरह से खाली था, इसलिए कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ. इसी बीच जानकारी मिली है कि पीएम बेंजामिन नेतन्याहू एक और बैठक करने वाले हैं.
इधर हमास-इजरायल युद्ध विराम समझौते को खतरा उत्पन्न हो गया है. विशेषज्ञ दावा कर रहे हैं कि इस हमले के बाद एक बार फिर इजरायल-हमास में युद्ध भड़क सकता है. खास कर वेस्ट बैंक इलाके में इजरायली सेना बड़े स्तर अभियान चला सकती है. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हमले के बाद से इजरायली सैनिक बड़े स्तर वेस्ट बैंक में तलाशी अभियान चला रही है.