वाशिंगटन: अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज से रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को तुरंत पद छोड़ने और रिटायरमेंट लेने को कहा है. यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच हुई है. जनरल क्रिस्टोफर ला नीव (Lt Gen Christopher LaNeve), जो वर्तमान में आर्मी के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ हैं, अब जनरल रैंडी जॉर्ज की जगह लेंगे. पेंटागन ने इस बर्खास्तगी की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है.
CBS न्यूज़ के सूत्रों ने बताया कि रक्षा सचिव पीट हेगसेथ चाहते हैं कि सेना में कोई ऐसा नेता हो जो प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की विजन को लागू कर सके. फॉक्स न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि हेगसेथ ने गुरुवार को जनरल जॉर्ज से संपर्क किया और तुरंत रिटायरमेंट की मांग की. उन्होंने कहा, “सेना में नेतृत्व बदलने का समय आ गया है.” हेगसेथ ने जॉर्ज को कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई.
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने एक बयान में कहा कि जनरल जॉर्ज सेना के 41वें चीफ ऑफ स्टाफ के पद से तुरंत प्रभावी रूप से रिटायर हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि रक्षा विभाग जनरल जॉर्ज की दशकों की सेवा के लिए आभारी है और उन्हें रिटायरमेंट में शुभकामनाएं देता है. इसके अलावा, द अटलांटिक की रिपोर्ट के अनुसार, एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल, नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड, आर्मी सेक्रेटरी डेनियल ड्रिस्कॉल और लेबर सेक्रेटरी लोरी चावेज़-डेरेमर के भी ट्रंप प्रशासन से जल्दी जाने की अटकलें चल रही हैं. हालांकि, ट्रंप अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है.
हेगसेथ ने टॉप मिलिट्री जनरलों को बर्खास्त करना शुरू कर दिया
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन में तेजी से बदलाव शुरू कर दिया है. वे ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंडा को लागू करने के लिए टॉप जनरलों और एडमिरलों को बर्खास्त कर रहे हैं. जनरल रैंडी जॉर्ज की बर्खास्तगी पिछले एक साल में हेगसेथ द्वारा की गई एक दर्जन से ज्यादा टॉप जनरलों और एडमिरलों की बर्खास्तगी में सबसे नई है. जनरल जॉर्ज की हटाए जाने से पेंटागन में नेतृत्व स्तर पर और उथल-पुथल बढ़ गई है.
उन्होंने फरवरी में हुई शुरुआती बर्खास्तगी के दौर में बच गए थे, जिसमें नौसेना की टॉप अधिकारी एडमिरल लिसा फ्रैंचेटी, एयर फोर्स के नंबर-2 जनरल जिम सिल्फे और जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल चार्ल्स “सीक्यू” ब्राउन को हटा दिया गया था. उसके बाद से अब तक एक दर्जन से ज्यादा टॉप जनरल और एडमिरल या तो जल्दी रिटायर हो गए या उन्हें हटा दिया गया.
इनमें जनरल जॉर्ज के डिप्टी, आर्मी वाइस चीफ जनरल जेम्स मिंगस भी शामिल थे. उनकी जगह ट्रंप ने लेफ्टिनेंट जनरल क्रिस्टोफर ला नीव को नामित किया था. ला नीव हाल ही में हेगसेथ के टॉप मिलिट्री एड के रूप में काम कर रहे थे और उससे पहले दक्षिण कोरिया में आठवीं आर्मी की कमान संभाल रहे थे.
जनरल रैंडी जॉर्ज का बैकग्राउंड
जनरल रैंडी जॉर्ज एक इन्फैंट्री अधिकारी हैं. उन्होंने वेस्ट पॉइंट मिलिट्री अकादमी से शिक्षा प्राप्त की है और पहले की खाड़ी जंग (Gulf War), इराक और अफगानिस्तान युद्ध में सेवा की है. वे 2023 में आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ बने थे. यह पद सामान्य रूप से 4 साल का होता है. इससे पहले वे आर्मी के वाइस चीफ के पद पर थे और बाइडेन प्रशासन में रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन के सीनियर मिलिट्री एडवाइजर और टॉप मिलिट्री एड के रूप में भी काम कर चुके हैं.