ईरान जंग में ट्रंप का साथ नहीं देगा ब्रिटेन, होर्मुज संकट पर 35 देशों की मीटिंग, अमेरिका की साख पर बट्टा बनता जा रहा युद्ध

Rahul Jadaun 01 Apr 2026 07:58: PM 1 Mins
ईरान जंग में ट्रंप का साथ नहीं देगा ब्रिटेन, होर्मुज संकट पर 35 देशों की मीटिंग, अमेरिका की साख पर बट्टा बनता जा रहा युद्ध

लंदन/वॉशिंगटन: Middle East में बढ़ते तनाव और ईरान के साथ युद्ध के बीच पश्चिमी देशों के गठबंधन में बड़ी दरार पड़ती दिख रही है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि उनका देश ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य अभियान या जंग में अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपीलों और दबाव को दरकिनार करते हुए ब्रिटेन ने अपना स्वतंत्र रास्ता चुनने का संकेत दिया है.

ब्रिटेन ने ठुकराया जंग का न्योता

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि वह ब्रिटेन के नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देंगे. उन्होंने कहा, "यह हमारी जंग नहीं है और हम इसमें पिसना नहीं चाहते." स्टार्मर के अनुसार, युद्ध से ब्रिटेन का भविष्य बुरी तरह प्रभावित हो सकता है, इसलिए उनकी सरकार सैन्य हस्तक्षेप के बजाय कूटनीतिक समाधान पर ध्यान केंद्रित करेगी.

ट्रंप का नाटो पर गुस्सा

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो (NATO) देशों के प्रति कड़ी नाराजगी जाहिर की है. ट्रंप चाहते थे कि नाटो देश ईरान द्वारा ब्लॉक किए गए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को खुलवाने के लिए अपने युद्धपोत भेजें. नाटो देशों के इनकार के बाद ट्रंप ने संगठन को 'कागजी शेर' करार देते हुए यहां तक कह दिया कि वह नाटो से बाहर निकलने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं.

ग्लोबल होर्मुज समिट की मेजबानी करेगा ब्रिटेन

जंग में शामिल होने के बजाय ब्रिटेन ने 'मिडिल पाथ' निकालने की कोशिश की है. पीएम स्टार्मर ने घोषणा की है कि ब्रिटेन वैश्विक 'होर्मुज समिट' की मेजबानी करेगा. इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को दोबारा खुलवाना और ऊर्जा संकट को टालना है.

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराता खतरा

यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (UNDP) की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर पश्चिम एशिया में जंग छिड़ती है, तो इसका असर केवल कुछ देशों तक सीमित नहीं रहेगा. खाड़ी क्षेत्र में तेल और ऊर्जा ठिकानों पर बढ़ते हमलों ने दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और महंगाई का डर पैदा कर दिया है. ब्रिटेन का मानना है कि सैन्य बल के बजाय बातचीत ही इस आर्थिक तबाही को रोकने का एकमात्र जरिया है.

Britain Iran War Britain US Donald Trump Iran War Hormuz Crisis

Recent News