न्यूयॉर्क: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति और चल रहे युद्ध के खिलाफ 'नो किंग्स' प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है. लाखों लोग सड़कों पर उतर आए हैं. इसी बीच ट्रंप की भतीजी और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट मैरी एल ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने चाचा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सत्ता परिवर्तन तो ईरान में नहीं, बल्कि अमेरिका में ही होगा.
मैरी ने अपने पोस्ट में लिखा, ''डोनाल्ड आखिरकार सत्ता परिवर्तन करवा ही लेंगे, लेकिन ईरान में नहीं, अमेरिका में. नो किंग्स.'' यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गया और लाखों लाइक्स तथा शेयर्स हासिल कर चुका है. यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि अमेरिका-इजरायल के हफ्तों तक चले सैन्य अभियानों के बाद ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है.
ट्रंप ने कहा कि हमने उनके साथ अच्छी बातचीत की है... मुझे पूरा यकीन है कि समझौता हो जाएगा. हम ऐसे लोगों से निपट रहे हैं जिनसे पहले कभी कोई नहीं निपटा. लीडर्स बदल गए हैं, इसलिए मैं इसे सत्ता परिवर्तन मानता हूं. ट्रंप प्रशासन के मुताबिक, ईरान में कई उच्च स्तरीय नेता मारे गए हैं और नई स्थिति में बातचीत चल रही है. हालांकि, यह दावा विवादास्पद बना हुआ है.
''नो किंग्स'' प्रदर्शन का व्यापक असर
नो किंग्स नाम के इन प्रदर्शनों को अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है. आयोजकों के अनुसार, 28 मार्च को हुए तीसरे चरण में पूरे देश में लगभग 80 लाख से अधिक लोग शामिल हुए. प्रदर्शनकारी ट्रंप सरकार की ईरान युद्ध नीति, महंगाई, इमिग्रेशन नीतियों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर चिंता जता रहे हैं. कई शहरों में ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन कहीं-कहीं तनाव भी देखा गया.
मैरी ट्रंप ने पहले भी अपने यूट्यूब चैनल पर चाचा की ईरान नीति की आलोचना की थी. उन्होंने चेतावनी दी थी कि इस संघर्ष से अनगिनत जानें जाएंगी, अरबों डॉलर का नुकसान होगा और ट्रंप के पास कोई ठोस योजना नहीं है. उन्होंने कहा था कि ट्रंप का यह कदम मुख्य रूप से अपनी ‘अपमानित होने की हताशा’ और राजनीतिक दबाव से बचने के लिए है. मैरी ट्रंप, जो किताब 'टू मच एंड नेवर इनफ' की लेखिका भी हैं, ट्रंप परिवार की आंतरिक गतिशीलता की कड़ी आलोचक रहीं हैं. उनका यह नवीनतम पोस्ट परिवार के अंदर गहरे विभाजन को फिर से उजागर करता है.