नई दिल्ली: कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) ने रविवार को आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उनके राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास के साथ बर्बरतापूर्ण तरीके से मारपीट की और बाद में उन्हें सड़क किनारे घायल हालत में छोड़ दिया. पार्टी के अनुसार, उस समय ब्रिटास चलने में भी असमर्थ थे.
माकपा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें ब्रिटास दिल्ली पुलिस की बस के पास बैठे नजर आ रहे हैं. एक व्यक्ति उन्हें उठने-चलने में मदद कर रहा है और एक पुलिसकर्मी उन्हें ऑटोरिक्शा तक पहुंचाने में सहायता करता दिख रहा है. पार्टी ने कहा, ''दिल्ली पुलिस ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं.''
कब और कैसे हुई घटना?
रविवार को ब्रिटास उन प्रदर्शनकारियों में शामिल थे, जिन्हें कनॉट प्लेस के इनर सर्कल और राजीव चौक से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने के दौरान हिरासत में लिया गया. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के नेतृत्व वाले इस प्रदर्शन का यह दूसरा दिन था. ब्रिटास को शनिवार को भी प्रदर्शन के पहले दिन हिरासत में लिया गया था. उस दिन पुलिस ने करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल बताए गए.
जॉन ब्रिटास कौन हैं?
डॉ. जॉन ब्रिटास केरल से CPI(M) के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा सांसद और अनुभवी पत्रकार हैं. वे मलयालम मीडिया जगत के जाने-माने चेहरे हैं. उन्होंने 24 अप्रैल 2021 को राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यकाल शुरू किया. राजनीति में आने से पहले तीन दशक से अधिक समय तक पत्रकारिता और टीवी में काम किया. वे कैराली टीवी नेटवर्क के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य संपादक भी रह चुके हैं.
ब्रिटास ने पहले भी CJP नेताओं के साथ हुए व्यवहार की आलोचना की थी और कहा था कि उनके साथ अपहरणकर्ताओं से भी बुरा बर्ताव किया गया. उन्होंने पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की भी निंदा की. अभी तक पुलिस की तरफ से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.