लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके कथित नेटवर्क के खिलाफ यूपी एटीएस और एसटीएफ ने बड़ा अभियान चलाया है. पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के खिलाफ छह महीने की कार्रवाई में अब तक 12 मुकदमे दर्ज कर 52 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. करीब 60 अन्य संदिग्धों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई है.
जांच एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को अपने संपर्क में लाता था. आरोप है कि उन्हें पैसे और काम का लालच देकर कट्टरपंथ की ओर धकेला जाता और बाद में धमकी, आगजनी, पोस्टर चिपकाने तथा हमले जैसी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की जाती थी. पुलिस के मुताबिक, भाजपा और आरएसएस कार्यालयों, पुलिस स्टेशनों तथा अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की साजिश से जुड़े इनपुट भी जांच में सामने आए हैं.
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक, जांच में शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के अलावा कई अन्य पाकिस्तानी हैंडलरों के नाम सामने आए हैं. नेटवर्क से जुड़े लोगों पर हिंदू धार्मिक नेताओं, राजनेताओं, पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों को धमकी देने अथवा हमले के लिए उकसाने के आरोप हैं. आरोपियों से पिस्तौल, कारतूस, चाकू, ज्वलनशील पदार्थ, आपत्तिजनक पोस्टर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए जाने की बात कही गई है.
पुलिस ने बताया कि 26 मई से केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से चलाए गए अभियान में करीब 175 संदिग्धों की जांच की गई. वहीं 12 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस से पहले पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर करीब 62 संदिग्धों से पूछताछ की गई. यूपी पुलिस ने गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर शहजाद भट्टी नेटवर्क और उसके सदस्यों को आतंकवादी घोषित करने का अनुरोध भी किया है.
देशभर में भी इस नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई हुई है. रिपोर्टों के अनुसार, 14 राज्यों में 250 से अधिक संदिग्धों को पकड़ा गया और हथियारों समेत कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए। हालांकि, इन मामलों में आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है.