शामली : उत्तर प्रदेश के शामली जिले में कथित धर्मांतरण और संपत्ति से जुड़े एक मामले ने नया मोड़ ले लिया है. मेडिकल स्टोर संचालक देवराज मलिक ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे आयुष मलिक को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन कराया गया और बाद में उसकी संपत्ति पर नजर रखी गई. इस मामले में पुलिस ने चांदनी उर्फ खुशी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
पीड़ित परिवार का आरोप है कि आयुष मलिक को योजनाबद्ध तरीके से इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, उसका नाम बदलवाया गया और कथित निकाह कराया गया. शिकायत में कई परिजनों और तीन मौलवियों के नाम शामिल हैं. पुलिस ने कुल 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
जांच के दौरान पाकिस्तान के इस्लामिक उपदेशक डॉ. इसरार अहमद के यूट्यूब वीडियो देखने और उनसे प्रभावित होने की बात भी सामने आई है. पुलिस का दावा है कि आयुष को धार्मिक सामग्री दिखाकर धीरे-धीरे प्रभावित किया गया. मामले के तार दिल्ली और मुंबई के कुछ मौलवियों से भी जुड़ने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी जांच विशेष जांच दल (SIT) कर रही है.
पुलिस के अनुसार, आयुष की मुलाकात चांदनी कुरैशी से शहर के एक जिम में हुई थी, जहां वह ट्रेनर के रूप में काम करती थी. दोनों के बीच दोस्ती हुई जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई. परिवार का आरोप है कि इसी संबंध का इस्तेमाल धर्मांतरण और आर्थिक लाभ के लिए किया गया.
शामली के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धर्मांतरण के इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो काम नहीं कर रहा. फरार आरोपियों की तलाश जारी है और SIT पूरे मामले की तह तक जाने का प्रयास कर रही है.