इस साल के अंत में होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे से मुलाकात की. मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, शरद पवार ने महाराष्ट्र के सीएम शिंदे से वर्षा बंगले में मुलाकात की और मराठा आरक्षण के मुद्दों पर चर्चा की. राज ठाकरे ने भी मुंबई में सीएम के आधिकारिक आवास वर्षा बंगले में भी शिंदे से मुलाकात की. मराठा आरक्षण का मुद्दा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना हुआ है, इसके बावजूद दो मराठा नेताओं पवार और शिंदे ने मुलाकात की. वहीं इस मुलाकत के बाद राज्य में सियासत भी तेज हो गई है.

शरद पवार महा विकास अघाड़ी के एकमात्र नेता हैं जो महायुति, खासकर सीएम शिंदे के साथ बातचीत जारी रखते हैं, बावजूद इसके कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे उनकी कड़ी आलोचना करते रहे हैं. महायुति गठबंधन छोड़ने की इच्छा जाहिर करने के बाद सीएम शिंदे के साथ राज ठाकरे की यह पहली मुलाकात है. वह 'चॉल' के पुनर्विकास के मामलों पर शिंदे के साथ बातचीत कर रहे हैं, जो उनकी राजनीति का भी मुख्य मुद्दा है.
सीएमओ के अनुसार, राज ठाकरे ने आवास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एमएनएस प्रतिनिधिमंडल के साथ सीएम शिंदे से मुलाकात की, जैसे बॉम्बे डेवलपमेंट डायरेक्टोरेट (बीडीडी) चॉल का पुनर्विकास, पुलिस हाउसिंग कॉलोनी का पुनर्विकास और कुछ अन्य आवास परियोजनाएं. बैठक में महाराष्ट्र सरकार के कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. राज ठाकरे ने पहले महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों में 200 से 250 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की अपनी मंशा की घोषणा की थी.
राज्य के प्रशासन की तीखी आलोचना करते हुए ठाकरे ने महायुति गठबंधन की योजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता को चुनौती दीच. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के पास गड्ढों की मरम्मत के लिए धन की कमी है. वे 'लाडली बहन' और 'लाडला भाई' के लिए धन कैसे जुटाएंगे?" उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के भीतर चल रहे आंतरिक संघर्षों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर लाडला भाई और बहन दोनों एक साथ खुश होते, तो पार्टी में विभाजन नहीं होता. ठाकरे ने अपनी पार्टी के भीतर दलबदल की अटकलों को भी संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि मेरी पार्टी के कुछ लोग भी किसी के साथ जुड़ना चाहते हैं. मैं उनके लिए लाल कालीन बिछाता हूं. वे तुरंत जा सकते हैं.

2019 के विधानसभा चुनाव में मनसे ने केवल 1 सीट जीती थी. हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में मनसे ने भाजपा का समर्थन किया था. 2024 के लोकसभा चुनावों ने महा विकास अघाड़ी गठबंधन को मजबूती दी है, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) ने सात सीटें जीती हैं, कांग्रेस ने 13 और एनसीपी-एसपी ने एक सीट जीती है, जिससे गठबंधन की कुल सीटों की संख्या 17 हो गई है. महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सीटें घटकर नौ रह गई हैं, जबकि 2019 के लोकसभा चुनावों में उसे 23 सीटें मिली थीं. वोट शेयर 26.18 प्रतिशत रहा. 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनाव इस साल के अंत में होने हैं, जबकि मौजूदा राज्य विधानसभा का कार्यकाल 2024 में समाप्त होगा. हालांकि, भारत के चुनाव आयोग ने अभी तक तारीखों की घोषणा नहीं की है.