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नई दिल्ली: यूपी के कानपुर की वो महिला कौन है, जो अपने पति शुभम द्विवेदी के साथ पहलगाम घूमने गई थी, घुड़सवारी के दौरान, कुछ लोग उसके पास आते हैं, और पति से कलमा पढ़ने को कहते हैं, और वो इनकार करता है तो वही करते हैं, जो उन्हें नहीं करना चाहिए, और जब महिला बोलती है मुझे क्यों छोड़ रहे हो, तो कहते हैं मोदी को बताना, तो क्या ये पाकिस्तान में बैठे आकाओं का मोदी को सीधा चैलेंज है, जो मोदी सरकार कश्मीर में शांति का दावा कर रही थी, वहां पर्यटक भी सुरक्षित नहीं हैं, ये नैरेटिव पाकिस्तान गढ़ना चाहता है, इस सवाल पर आएं उससे पहले कानपुर के शुभम कौन हैं, ये जान लीजिए, फिर ये भी बताते हैं भारत इसका कितना बड़ा बदला लेने वाला है.
अब शुभम का परिवार मोदी सरकार से बदले की मांग कर रहा है, शुभम के भाई सौरभ बताते हैं भइया भाभी सोनमर्ग और गुलमर्ग घूमने के बाद पहलगाम पहुंचे थे. हमारी उनसे फोन पर बात भी हुई थी, लेकिन फिर परिवार के ही एक व्यक्ति ने वीडियो भेजा, जिसे देखकर कुछ समझ नहीं आ रहा था, क्या करें. शुभम के चाचा ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज द्विवेदी कहते हैं, ''मंगलवार दोपहर मैं टीवी पर न्यूज देख रहा था, तभी जम्मू-कश्मीर में हमले की खबर आई. मैंने तुरंत अपने भाई संजय को फोन किया, वो घबराए हुए थे, बोले शुभम फंस गया है, थोड़ी देर बहू ने फोन करके कहा शुभम से कलमा पढ़ने को कह रहे थे, कहा कलमा पढ़ो छोड़ देंगे, नहीं पढ़ा तो...''
इतना कहते ही ऐशान्या रोने लगती है, वो बेहोश हो जाती है, हालांकि बावजूद इसके कुछ लोग सोशल मीडिया पर ये मानने को तैयार नहीं हैं कि वहां मौजूद लोग जो बता रहे हैं, वो पूरी तरह से सच है, नेहा सिंह राठौर अपने ट्विटर अकाउंट पर एक लिस्ट शेयर कर लिखती हैं, ''अगर वो धर्म पूछ रहे थे तो सईद हुसैन शाह के साथ ऐसा क्यों हुआ, आपदा में अवसर वाले राजनीति का शिकार मत बनिए.'' यानि इतने संवेदनशील मामले पर भी, जब सबको एकजुट होना चाहिए था, कईयों की राय बंटी हुई है, आपकी क्या राय है, जरूर बताएं.