नई दिल्ली/तेल अवीव: इजरायल के तेल अवीव शहर में हाल ही में एक अनोखा और चर्चित दृश्य देखने को मिला. शहर के आसमान में हजारों कौवों का एक बड़ा झुंड मंडराता हुआ नजर आया. यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और लोगों के बीच तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गईं.
कई लोग इसे युद्ध और तबाही का संकेत मान रहे हैं. खासकर इस समय जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और मिसाइल हमलों की खबरें आ रही हैं, तो इस घटना को लेकर डर और चिंता बढ़ गई है. कुछ लोगों ने इसे बाइबिल की भविष्यवाणियों से जोड़ दिया है. वे कह रहे हैं कि यह दृश्य 'प्रलय' या बड़े विनाश की ओर इशारा कर रहा है.
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा कि इतनी बड़ी संख्या में काले कौवे आसमान को घेर लेना किसी बड़ी आफत का पूर्वानुमान हो सकता है. कुछ ने तो इसे सीधे बाइबिल के 'रेवेलेशन' अध्याय से जोड़ा और कहा कि यहां पक्षियों को इकट्ठा होने का जिक्र है, जो ईश्वर के भोज या अंतिम समय का संकेत माना जाता है.
हालांकि, पक्षी विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों का कहना है कि इस घटना में कोई असामान्य बात नहीं है. इजरायल वसंत ऋतु में प्रवासी पक्षियों का महत्वपूर्ण मार्ग है. हर साल करोड़ों पक्षी यहां से गुजरते हैं. मार्च के महीने में तेल अवीव जैसे शहरों में कौवों के झुंड बनाना और मंडराना एक सामान्य प्राकृतिक घटना है. वे मौसमी बदलाव, भोजन की तलाश या घोंसला बनाने के लिए ऐसे व्यवहार करते हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार सिर्फ युद्ध की वजह से लोगों का ध्यान इस ओर अधिक गया है, वरना ऐसी घटनाएं नियमित रूप से होती रहती हैं. फिर भी, वर्तमान भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए आम लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स विशेषज्ञों की व्याख्या को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रहे हैं.
वे कह रहे हैं कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच यह दृश्य संयोग से ज्यादा कुछ और लग रहा है. कई लोगों में यह आशंका बनी हुई है कि कहीं यह किसी बड़े विनाश या आगे आने वाली मुश्किलों का संकेत तो नहीं है. कुल मिलाकर, यह घटना विज्ञान और अंधविश्वास के बीच बहस का विषय बन गई है, जहां एक तरफ तथ्य हैं और दूसरी तरफ भावनाएं और डर.