Corona threat: दुनिया के 22 देशों में कोरोना का नया वेरिएंट फैलने की खबर आई है. इस वेरिएंट को वैज्ञानिकों ने अनौपचारिक रूप से 'सिकाडा' नाम दिया है. यह नाम उस कीड़े से प्रेरित है जो लंबे समय तक जमीन के नीचे रहने के बाद अचानक बाहर निकल आता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह वेरिएंट BA.3.2 के रूप में जाना जाता है. इसमें असामान्य रूप से ज्यादा म्यूटेशन पाए गए हैं. रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह वेरिएंट अमेरिका के कई हिस्सों सहित कुल 22 देशों में फैल चुका है.
इस वेरिएंट में करीब 70-75 म्यूटेशन हैं, जो JN.1 जैसे पिछले वेरिएंट्स से लगभग दोगुने हैं. ज्यादातर बदलाव स्पाइक प्रोटीन में हुए हैं, जो वायरस को कोशिकाओं में घुसने में मदद करता है. इन म्यूटेशन्स की वजह से यह वैक्सीन और पहले के संक्रमण से बनी एंटीबॉडीज से बचने में ज्यादा सक्षम हो सकता है. अच्छी खबर यह है कि अभी तक यह ज्यादा गंभीर बीमारी नहीं पैदा कर रहा है. अस्पताल में भर्ती होने के मामलों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं देखी गई है.
यह वेरिएंट सबसे पहले नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था. उसके बाद यह लंबे समय तक नजर नहीं आया. लेकिन 2026 की शुरुआत में अचानक इसके मामले बढ़ने लगे, जिसके चलते इसे 'सिकाडा' नाम दिया गया.
संभावित लक्षण क्या है?
अमेरिका में इसका पहला मामला जून 2025 में सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट पर एक यात्री में पाया गया था. बाद में सीवेज निगरानी और अन्य सिस्टम से और मामले सामने आए. वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी और डेटा का अध्ययन चल रहा है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह वेरिएंट कितना संक्रामक है या भविष्य में कितना खतरा पैदा कर सकता है.
सतर्क रहना और जरूरी सावधानियां बरतना अभी भी उचित होगा. अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षण दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें और मास्क का इस्तेमाल करें, खासकर भीड़भाड़ वाली जगहों पर. हाथ धोने और स्वच्छता का ख्याल रखें.