Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. वारदात के करीब 10 दिन बाद पुणे ग्रामीण पुलिस मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को एक बार फिर लोहागढ़ किले पर लेकर पहुंची. यहां दोनों से पूरे घटनाक्रम को दोबारा दोहरवाया गया, ताकि हत्या की साजिश और वारदात के क्रम को विस्तार से समझा जा सके.
पुलिस के अनुसार, 18 जून को रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल को उसकी मंगेतर सिया गोयल जन्मदिन मनाने के बहाने लोहागढ़ किले पर लेकर गई थी. जांच में सामने आया कि वहां पहले से मौजूद चेतन चौधरी के साथ मिलकर कथित तौर पर केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया गया. शुरुआत में इसे हादसा बताया गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर मामला हत्या का निकला.
क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों से घटनास्थल पर हर गतिविधि दोहरवाई. अधिकारियों ने यह समझने की कोशिश की कि केतन को किस स्थान पर ले जाया गया, किस तरह उसे धक्का दिया गया और वारदात के बाद आरोपियों ने क्या किया. इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि अदालत में इसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर पेश किया जा सके.
जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन ने कथित तौर पर हत्या की साजिश पहले से रची थी. पुलिस का दावा है कि दोनों ने वारदात से पहले कई बार योजना बनाई, इंटरनेट पर हत्या के तरीके खोजे और लोहागढ़ किले पर जाकर संभावित जगह का भी जायजा लिया था, ताकि घटना को दुर्घटना का रूप दिया जा सके.
पुलिस अब इस मामले में जुटाए गए तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों को आरोपियों के बयानों से मिलान कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि क्राइम सीन रीक्रिएशन से मिले तथ्य जांच को और मजबूत करेंगे तथा अदालत में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश करने में मदद मिलेगी. फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस इस साजिश से जुड़े हर पहलू की गहन पड़ताल कर रही है.