संभल में कुछ दिन पहले पुलिस के स्निफर डॉग ‘मैरी’ की खूब चर्चा हुई थी। एक ऐसा केस, जिसमें न CCTV था, न कोई चश्मदीद और न ही पुलिस के पास शुरुआत में कोई ठोस सुराग था। लेकिन मैरी ने गंध के आधार पर रास्ता पकड़ा और पुलिस को आरोपी तक पहुंचाने में बड़ी मदद की। अब कुछ वैसी ही चर्चा अहमदाबाद एयरपोर्ट से सामने आई तस्वीर को लेकर हो रही है, जहां स्निफर डॉग की सतर्कता ने करोड़ों की ड्रग्स तस्करी का खेल बिगाड़ दिया।
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम्स विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने बैंकॉक से आए एक यात्री के ट्रॉली बैग से करीब 10.911 किलो हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है। इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में करीब 10 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है और ड्रग्स की खेप को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
सबसे अहम बात यह है कि यह पूरी कार्रवाई स्निफर डॉग के संकेत के बाद शुरू हुई। एयरपोर्ट पर यात्रियों का सामान कन्वेयर बेल्ट से गुजर रहा था। इसी दौरान कस्टम्स के प्रशिक्षित स्निफर डॉग ने एक ट्रॉली बैग के पास संदिग्ध हरकत की। डॉग के संकेत के बाद अधिकारियों ने तुरंत बैग को अलग कराया और उसके मालिक को रोककर पूछताछ शुरू की।
पहली नजर में बैग सामान्य दिखाई दे रहा था। बैग खोलने पर भी ड्रग्स सीधे दिखाई नहीं दे रहा था। लेकिन जब अधिकारियों ने गंभीरता से जांच की, तो कपड़ों के बीच बेहद चालाकी से छिपाए गए पांच सिल्वर रंग के वैक्यूम-सील्ड पॉलिथीन पैकेट मिले। इन पैकेटों के भीतर हरे रंग का पदार्थ भरा हुआ था। मौके पर ड्रग्स टेस्टिंग किट मंगाई गई और जांच में यह पदार्थ हाइड्रोपोनिक गांजा निकला।
हाइड्रोपोनिक गांजा सामान्य गांजे से कई गुना महंगा माना जाता है। इसे नियंत्रित वातावरण में उगाया जाता है और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क में इसकी मांग ज्यादा बताई जाती है। यही वजह है कि दक्षिण-पूर्व एशिया से आने वाली उड़ानों पर एजेंसियों की निगरानी लगातार बढ़ाई गई है।
कस्टम्स विभाग अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह खेप भारत में किसे पहुंचाई जानी थी। क्या इसे अहमदाबाद या गुजरात के लोकल पेडलर्स तक पहुंचाना था? इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था? क्या आरोपी सिर्फ कैरियर था या किसी बड़े सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है? इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
पिछले कुछ समय में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। बैंकॉक और दक्षिण-पूर्व एशिया से आने वाले यात्रियों के सामान में हाइड्रोपोनिक गांजा छिपाकर लाने की घटनाएं एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। लेकिन इस बार स्निफर डॉग की एक सतर्क चाल ने तस्करों की पूरी प्लानिंग फेल कर दी।
संभल में मैरी ने जिस तरह एक ब्लाइंड केस में पुलिस को दिशा दी थी, उसी तरह अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी स्निफर डॉग ने साबित कर दिया कि अपराध चाहे कितना भी छिपाकर किया जाए, कानून की नजर और जांच एजेंसियों की तैयारी से बचना आसान नहीं है।