लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी तकरार शुरू हो गई है. यह विवाद तब भड़का जब केशव मौर्य ने सैफई परिवार को "गुंडे, माफिया और दंगाई" करार दिया, जिसके जवाब में शिवपाल ने बुलडोजर नीति, भ्रष्टाचार और किसानों पर अत्याचार जैसे मुद्दों को उठाकर पलटवार किया. इस वाकयुद्ध ने यूपी विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन को और गर्मा दिया है, जहां हंगामे की संभावना बढ़ गई है.
केशव का सैफई परिवार पर हमला
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा, "गुंडे, माफिया और दंगाई, सभी सैफई परिवार के साथी हैं." इस बयान ने यूपी की सियासत में हलचल मचा दी. केशव के इस हमले को सपा के लिए सीधा चुनौती माना जा रहा है, खासकर जब विधानसभा सत्र चल रहा है.
शिवपाल का करारा जवाब
शिवपाल यादव ने केशव के बयान का जवाब देने में देर नहीं की. उन्होंने एक्स पर लिखा, "केशव जी, यूपी की जनता अच्छी तरह जानती है कि असली गुंडे, माफिया और दंगाई कौन हैं. बुलडोजर के जरिए कानून का दुरुपयोग करने वाले, किसानों पर लाठी चलवाने वाले, उनकी जमीन हड़पने वाले, और बेरोजगारी व भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले आपके अपने 'परिवार' के लोग हैं."
शिवपाल ने आगे कहा, "सैफई परिवार ने जनता को अस्पताल, स्टेडियम, नौकरियाँ और विश्वविद्यालय दिए. आपके 'परिवार' ने क्या दिया? सिर्फ नफरत, महंगाई और अराजकता!" इस तीखे जवाब ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया.
विधानसभा सत्र पर असर
यह टकराव केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा. मंगलवार को यूपी विधानसभा सत्र के दूसरे दिन इस विवाद का असर सदन की कार्यवाही पर पड़ने की संभावना है. सोमवार को विपक्षी दलों, खासकर सपा और कांग्रेस, ने लखनऊ और दिल्ली में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था. अब शिवपाल और केशव के बीच यह जंग सत्र में और हंगामे का कारण बन सकती है.
केशव का राहुल और अखिलेश पर तंज
इससे पहले, केशव मौर्य ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा था, "सत्ता से लंबे समय तक दूर रहने की बेचैनी ने राहुल और अखिलेश को छटपटाहट में डाल दिया है, और यह 2047 तक जारी रहेगी. जनता को इनके राजशाही चरित्र पर भरोसा नहीं है. जब जनता ने लोकतंत्र के प्रतीक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास जताया, तो इन्होंने लोकतंत्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया."
सियासी माहौल में तनाव
केशव मौर्य और शिवपाल यादव के बीच यह तीखा वाकयुद्ध यूपी की सियासत में नया तनाव पैदा कर रहा है. सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी सपा के बीच बढ़ती खींचतान अब विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह जोर पकड़ रही है. इस टकराव का असर आने वाले दिनों में सियासी समीकरणों पर भी पड़ सकता है.