हैदराबाद: 25 वर्षीय एक सॉफ्टवेयर पेशेवर ने रायदुर्गम में एक आलीशान अपार्टमेंट में अपने पति द्वारा अतिरिक्त दहेज के लिए कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने के कारण आत्महत्या कर ली. वहीं इस मामले में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला. सोमवार को देविका के परिवार की शिकायत के बाद, पुलिस ने उसके पति सतीश चंद्र के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज किया और पूछताछ के लिए उसे हिरासत में ले लिया. देविका के परिवार ने आरोप लगाया है कि सतीश मांग कर रहा था कि निजामपेट में उसके परिवार के स्वामित्व वाला फ्लैट और एक प्लॉट उसके नाम पर ट्रांसफर कर दिया जाए.
सतीश और देविका, जो बेंगलुरु में एक एमएनसी में काम करते हुए मिले थे. दो साल से अधिक समय के रिश्ते के बाद लगभग छह महीने पहले ही दोनों ने शादी की थी. सतीश आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र हैं, जबकि देविका ने बेंगलुरु में पढ़ाई की थी. वे हाल ही में स्थानीय कार्यालय में स्थानांतरण के बाद हैदराबाद चले गए थे. पुलिस ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से, उनके बीच अक्सर बहस होती रहती थी, जिससे दोनों पक्षों के बुजुर्गों को हस्तक्षेप करना पड़ा. सतीश और देविका अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं.
रायदुर्गम पुलिस के अनुसार, रविवार को सतीश झगड़े के बाद फ्लैट से चला गया था. इसके बाद उसने कई बार देविका का फोन नहीं उठाया. जब वह घर लौटा, तो उसने एक अतिरिक्त चाबी का इस्तेमाल किया और दूसरे कमरे में सो गया, क्योंकि उसने खटखटाने पर बेडरूम का दरवाजा नहीं खोला. अगली सुबह, जब वह काम पर जाने के लिए नहीं उठी, तो उसने फिर से दरवाजा खटखटाया. लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उसने दरवाजा तोड़ा और पाया कि देविका मृत है. देविका की मां लक्ष्मी ने आरोप लगाया कि उन्होंने दहेज के रूप में नकद और सोने के आभूषण दिए थे, लेकिन सतीश निजामपेट फ्लैट (जहां लक्ष्मी रहती है) और उनके पैतृक विकाराबाद में जमीन के लिए देविका को परेशान करता रहा. कुछ साल पहले अपने पति को खो चुकी लक्ष्मी ने कहा, "मेरी एक ही बेटी थी और अब मैं उसे भी खो चुकी हूं. मैं उसके लिए सख्त सजा की मांग करती हूं."
सतीश मंचेरियल से ताल्लुक रखता है, जहां उसके पिता रहते हैं. उसकी मां की कई साल पहले मौत हो गई थी. रायदुर्गम एसएचओ सीएच वेंकन्ना ने बताया कि चूंकि शादी सात साल से कम समय तक चली थी, इसलिए एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा जांच की गई. मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद देविका का शव उसके परिवार को सौंप दिया गया और आगे की जांच की जा रही है.