‘’प्रीत न जाने जात-कुजात’’ वाले मुहावरे को बिहार में हकीकत करती एक घटना इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. हर तरफ लोग यही बात कर रहे हैं कि ये क्या हुआ? क्योंकि मामला है ही ऐसा कि हर किसी के जुबान पर इसी की बातें हो रही है. कोई इसे अमर्यादित चरित्र बता रहा है तो कोई सच्चे प्यार की दुहाई दे रहा है.
आगे की रिपोर्ट पढ़कर आप जान पाएंगे कि क्यों लोग अचंभित हैं. दरअसल कहानी यह है कि बिहार के बांका में एक शख्स को अपनी ही सास से प्यार हो गया और इश्क परवान पर चढ़ गया, जिसके बाद ससुर ने काफी समझाने-बुझाने के बाद दोनों की शादी करा दी.
जानकारी के अनुसार शादी करने वाले शख्स की पत्नी की मौत हो गई है और उसके 2 बच्चे भी हैं. इसके बावजूद भी 45 वर्षीय गीता देवी से दामाद सिकंदर यादव को प्यार हो गया था, जिसके बाद दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खा ली थी.
इसी दौरान एक दिन सिकंदर अपने ससुराल पहुंचा, जहां उसके ससुर को इस बात का शक हुआ कि उसकी पत्नी और दामाद के बीच कोई चक्कर है. ससुर ने पूरे गांव को एकत्रित करके दोनों से पूछताछ की तो सिकंदर ने अपनी सास के साथ प्यार की बात कबुल ली, जिसके बाद ससुर ने सबके सामने ही दोनों की शादी करा दी.
वहीं दामाद सिकंदर ने अपनी प्रेम कहानी को लेकर कहा है कि पत्नी के निधन के बावजूद मेरा ससुराल आना-जाना लगा रहता था. सास से लगातार फोन पर बात होती रहती थी. हमारी बातचीत कब प्यार में बदल गई, इसका जरा भी अंदाजा नहीं हुआ. जब प्यार हो गया तो हम दोनों ने शादी करने की ठानी.