आरा: भोजपुर के बिलौटी में चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. गोली चलाने के आरोपी एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया. वह लंबे समय से जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और गैरहाजिर चल रहा था. गिरफ्तारी तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल सर्विलांस की मदद से पटना एसटीएफ के सहयोग से की गई. भोजपुर एसपी राज ने इसकी पुष्टि की है.
अक्षय कुमार एसटीएफ की एसओजी टीम में तैनात था. उसकी सरकारी पिस्टल पहले ही जब्त की जा चुकी थी और उसे निलंबित भी किया गया था. निलंबन के बाद वह फरार चल रहा था. यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब कुछ दिन पहले भरत भूषण तिवारी के परिजन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिले थे और न्याय की मांग की थी.
मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया था. परिवार का कहना है कि यह उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. भरत के भाई चंदन तिवारी ने दावा किया है कि उन्होंने अक्षय कुमार को पहली गोली चलाते देखा था. मामले में 22 जून को मृतक की मां आशा देवी के बयान पर शाहपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी. इसमें तत्कालीन जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार, शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत अन्य पुलिसकर्मियों को आरोपित बनाया गया था. हत्या, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है.
मां का आरोप है कि 17 जून की सुबह पुलिस अधिकारी भरत को बाढ़ पीड़ितों की समस्या बताने के लिए ले गए थे. वहां उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए मांगें रखीं और हथियार जमीन पर फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया. इसके बावजूद उन्हें धक्का देकर गिराया गया और एसडीपीओ के आदेश पर पांच गोलियां मारी गईं. बाद में उनकी मौत हो गई. पिता काशीनाथ तिवारी को भी पूरे दिन थाने में बैठाकर रखा गया था.