कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्याकांड में सीबीआई ने शुक्रवार को दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार कर नया मोड़ दे दिया है. गिरफ्तार किए गए दोनों भाई सागर सोनकर और साहिब सोनकर हैं, जो भाजपा कार्यकर्ता थे और रथ के साथ काम करते थे.
अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि सागर सोनकर रथ के साथ काम करते हुए भी लैंडलाइन फोन के जरिए प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक पार्टी के स्थानीय कार्यालय से नियमित संपर्क में थे. कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच से कई कॉल का पता चला है. सागर 2020 तक उसी प्रतिद्वंद्वी पार्टी के एक विधायक के साथ काम करते थे, जिसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए थे.
सीबीआई का दावा है कि आरोपियों ने हत्या की सुपारी दी और हमलावरों को पैसे दिए. एजेंसी को सागर के उन शूटर्स से कथित संबंधों के पर्याप्त सबूत मिले हैं, जिन्होंने रथ की हत्या को अंजाम दिया. जांच में यह भी सामने आया कि 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता के भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी के चुनाव अभियान के प्रमुख व्यक्ति रथ को खत्म करने की साजिश दिसंबर 2025 से चल रही थी, लेकिन कई बार टालनी पड़ी.
चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई को उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम के पास हुई थी. वे कार में यात्रा कर रहे थे जब मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मार दी. यह घटना बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के दो दिन बाद हुई थी, जिसमें भाजपा ने सत्ता हासिल की थी.
इस मामले में सीबीआई ने अब तक छह हमलावरों मोनू सिंह, राज सिंह, गोलू सिंह, मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और नवीन कुमार सिंह के अलावा सुपारी लेने वाले विनय राय, संजय राय और विकास मिश्रा को भी गिरफ्तार कर लिया है. एक आरोपी अभी भी फरार है.
दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोलकाता की एक विशेष अदालत में पेश किया गया.
सीबीआई प्रतिद्वंद्वी पार्टी के उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिससे सागर संपर्क में थे. इस गिरफ्तारी से बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हंगामा होने की संभावना है.